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गर्भवती महिला की मौत के मामले में परिजनों ने उठाए सवाल

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गर्भवती महिला की मौत के मामले में परिजनों ने उठाए सवाल
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मुजफ्फरनगर। गांव पलड़ी निवासी छह माह की गर्भवती महिला की मौत के मामले में परिजनों ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। गर्भवती महिला की 23 अप्रैल को ही मौत हो चुकी है। उसकी कोविड जांच रिपोर्ट 30 अप्रैल को परिजनों को मिली। इसमें उसका जांच सैंपल 25 अप्रैल को लिया जाना अंकित है।
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शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी सचिन सैनी ने छह माह की गर्भवती पत्नी अंजलि को 22 अप्रैल को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां अंजलि को रैपिड एंटीजन के आधार पर कोरोना पॉजिटिव बताते हुए कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया था। परिजन पत्नी को लगातार नेगेटिव बताते रहे थे, लेकिन उनकी तमाम दलीलों को नकार दिया गया था। इसी बीच 23 अप्रैल की रात गर्भवती अंजलि की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने बेगराजपुर हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया था। मामला बढ़ता देख आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 23 अप्रैल को ही अंजलि की जांच रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल की थी, जिसमें उसे पॉजिटिव बताया गया था। मामले में अंजलि की एक और आरटीपीसीआर जांच परिजनों को अपडेट की गई है, जिसमें उसे एक बार फिर से नेगेटिव बताया गया है। इस रिपोर्ट में हैरत की बात यह है कि इस जांच रिपोर्ट में अंजलि का सैंपल 25 अप्रैल को लिए जाने की जानकारी दी गई है, जबकि उसकी मौत इससे दो दिन पूर्व 23 अप्रैल को ही हो चुकी थी। ऐसे में मृतका के पति सचिन सैनी का कहना है कि उसकी पत्नी अंजलि सिस्टम की लापरवाही का शिकार हुई है। उसे जबरन पॉजिटिव बताकर कोविड हॉस्पिटल में भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। अब फिर से अंजलि को निगेटिव बताया जा रहा है, जो खुद ही जनपद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी पर बड़ा सवाल है।
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