छात्रा के साथ आए दिन होने वाली छेड़छाड़ और शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से आहत परिवार मंगलवार को गांव से पलायन कर गया। पीड़ित परिवार गांव से मिनी ट्रक में अपना सारा सामान लेकर पुलिस ऑफिस जा पहुंचा और कार्रवाई के साथ ही सुरक्षा की भी गुहार लगाई। करीब दो घंटे तक वहां भी सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में धरने की चेतावनी दे डाली। इसके बाद अफसरों ने हरकत में आते हुए थाना तितावी पुलिस को फटकार लगाई। शाम तक हर हाल में आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पीड़ित परिवार को समझाबुझाकर गांव भेज दिया गया।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव निवासी ग्रामीण की बेटी शहर के एक डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। ग्रामीण का आरोप है कि गांव के ही दो युवक काफी दिन से उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ व बदसलूकी करते आ रहे हैं। पीड़ित के अनुसार दोनों युवकों ने कई दिन पूर्व छात्रा को कॉलेज जाते समय बीच राह में रोककर पहले तो उस पर दोस्ती करने का दबाव बनाते हुए मोबाइल नंबर मांगा और नहीं देने पर उसके साथ बदसलूकी की।
घटना की तहरीर तितावी थाने पर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। आरोपियों ने तीन दिन पूर्व घर में घुसकर तमंचा दिखाते हुए छात्रा को अगवा कर ले जाने और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। इसके बाद आरोपियों ने रोजाना छात्रा का गांव से शहर तक कॉलेज आते-जाते समय पीछा करना शुरू कर दिया, जिससे उसकी सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इसके बाद दस फरवरी को फिर से पीड़ित परिवार ने तितावी थाने में दोनों युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी, लेकिन हर बार की तरफ पुलिस ने इस बार भी कार्रवाई नहीं की। इससे आहत छात्रा का पूरा परिवार मंगलवार को घर का सारा सामान मिनी ट्रक में लादकर पलायन कर गया। पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर सामान के साथ सीधे पुलिस ऑफिस पहुंचा और अफसरों के समक्ष कार्रवाई की गुहार लगाई।
पीड़ित परिवार के अनुसार यहां भी करीब दो घंटे तक उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे आहत परिवार ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में पुलिस ऑफिस पर ही धरना देने की घोषणा कर दी। इसके बाद अफसर हरकत में आए और एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने पीड़ित ग्रामीण व प्रधान को बुलाकर उनसे बात की। तत्पश्चात तितावी थानाध्यक्ष को फोन कर हड़काते हुए उसे शाम तक हर हाल में आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए। इसके बाद पीड़ित परिवार को समझा-बुझाकर जघर भेज दिया गया।
एसओ तितावी सूबे सिंह यादव का कहना है कि पहले शिकायत आने पर दरोगा को जांच के लिए गांव भेजा गया था, लेकिन उनसे मामला हल नहीं हो पाया। दोनों आरोपियों मोनू व मोहित के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपी देर रात तक हर हाल में हवालात में होंगे।
एसपी सिटी ओमवीर सिंह का कहना है कि ग्रामीण अपनी बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत लेकर आया था। थाना पुलिस को मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए गए हैं।
कार्रवाई के नाम पर फेल होती तितावी पुलिस
मुजफ्फरनगर। तितावी पुलिस तत्काल कार्रवाई के नाम पर पिछले एक पखवाड़े में हर बार फेल होती रही है। बड़ी वारदातें होने के बावजूद शुरुआत में तितावी पुलिस का रवैया हर बार टालू रहा, जिसके चलते मामला बढ़ा और आला अफसरों को खुद आगे आकर मोर्चा लेना पड़ा। इसके बाद ही पुलिस ने किसी तरह कार्रवाई करते हुए लाज बचाई।
तितावी थाना क्षेत्र में पिछले एक पखवाड़े में तीन बार बड़ी वारदातें हुईं। हर बार पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। क्षेत्र के गांव छतैला में पतंग उड़ाने को लेकर दो समुदाय के बच्चों के बीच हुए विवाद में एक समुदाय के लोगों ने राजकुमार पाल के घर हमला बोलते हुए पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा। पीड़ित परिवार और ग्रामीण लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौके पर पहुंचना तो दूर, घायलों के थाने पहुंचने पर उनका उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल तक नहीं ले जा सकी।
नतीजतन राजकुमार की मौत हो गई और मामला तूल पकड़ने पर आला अफसरों को सामने आकर बमुश्किल स्थिति को संभालना पड़ा। इसके बाद तितावी पुलिस ने हरकत में आते हुए ताबड़तोड़ दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। दूसरा मामला बघरा में सामने आया, जहां घर से निकली एक किशोरी को दूसरे समुदाय के तीन युवकों ने अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़ित परिजन किशोरी को साथ ले थाने पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्रवाई के लिए पहले अफसरों से लिखवाकर लाने की बात कहकर टाल दिया।
मामला तूल पकड़ने पर ही थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की। अब फिर से एक छात्रा के साथ लगातार छेड़छाड़ होने व घर में घुसकर उसे अगवा करने या हत्या करने की धमकी देने का मामला संज्ञान में आने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे एक दरोगा को दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए भेज दिया गया। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर पुलिस ऑफिस पहुंचा तो यहां भी अफसरों को ही सामने आकर हालात संभालने पड़े। इसके बाद ही पुलिस ने आनन-फानन में न केवल रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि शाम तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया।
जहरीली शराब प्रकरण में भी बैकफुट पर रही थी पुलिस
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव में करीब आठ माह पूर्व दो युवकों की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई थी। मामले की जानकारी थाना पुलिस को लगी तो आनन-फानन में गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार पर बीमारी से मौत होने का बयान देने संबंधी दबाव बनाया गया। हालांकि बाद में मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने फौरी तौर पर दबिशें डालकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में ही डाल दिया गया।