सहारनपुर। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी छात्रवृत्ति हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 में पांच कथित स्कूलों में कागजों पर छात्र दिखाकर शासन से करीब 14 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मंगा ली। शिकायत और संदेह के बाद हुई जांच में जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो स्कूल ही गायब मिले। कहीं स्कूल की जगह आवास मिला तो कहीं दर्जी की दुकान चलती मिली। एक स्कूल का संचालन पंचायत भवन में दिखाया गया था। अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मामले में वसूली के आदेश दिए हैं।
जांच ने खोल दी फर्जीवाड़े की परतें
शंकलापुरी के ग्रीनवुड स्कूल की जांच में सामने आया कि स्कूल पंचायत भवन में संचालित होना दिखाया गया था, लेकिन जांच के समय मौके पर स्कूल का कोई अस्तित्व नहीं मिला। डॉ. आंबेडकर पब्लिक स्कूल कैलाशपुर में भी न स्कूल मिला और न छात्र। वहां जांच अधिकारी को स्थायी आवास मिला। ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल हलालपुर और न्यू सेंट मेरी चिल्ड्रेन एकेडमी सिराज कॉलोनी में भी विद्यालय जैसी कोई व्यवस्था नहीं मिली। वहीं, सनलाइट पब्लिक स्कूल सड़क दूधली के पते पर जांच टीम को स्कूल के बजाय कपड़े की दुकान मिली।
जांच में स्कूल और छात्र दोनों के धरातल पर न मिलने के बाद विभाग ने अब सरकारी धन की रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब 14 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वापस लेने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को पत्र भेजा है। बैंक खातों और अन्य उपलब्ध विवरण के आधार पर राशि की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है। इन पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर छात्रवृत्ति हासिल करने के आरोप हैं।
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फर्जी तरीके से ली गई छात्रवृत्ति के मामले में अग्रणी बैंक प्रबंधक को वसूली के लिए कहा गया है। इसके अलावा यूडायस पंजीकरण भी रद्द कराने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है।
- सुमन गौतम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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