सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए हजारों किसानों ने गुरुवार देर रात मेरठ सिवाया टोल प्लाजा पर डेरा डाल लिया। वहीं आज सुबह किसानों ने चाय-पकौड़ी का नाश्ता किया। इसके बाद धीरे-धीरे गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना होने शुरू हो गए।
बता दें कि गुरुवार रात सिवाया टोल प्लाजा किसानों से गुलजार रहा। टोल प्लाजा के दोनों ओर किसानों का कब्जा रहा और पूरी रात टोल फ्री चला। किसानों के आने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा, जिस कारण रात तीन बजे तक किसानों के लिए खाना बनाया गया। वहीं सुबह पांच बजे किसानों को नाश्ते के रूप में चाय पकौड़ी दी गई। रात भर किसानों ने जाग कर एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाया व मनोरंजन किया। मेरठ से किसान गौरव टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो रहे हैं।
गौरव टिकैत व संजय दौरालिया का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, किसान धरने पर डटे रहेंगे। किसान गाजीपुर बॉर्डर पर सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। किसान ट्रैक्टर पर तिरंगा लगाकर अपनी मांगों को लेकर गाजीपुर तक जाएंगे। धीरे-धीरे किसानों का कारवां दिल्ली की ओर बढ़ता जा रहा है।
सहारनपुर के नागल से गुरुवार को भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के नेतृत्व में किसानों ने ट्रेक्टर यात्रा शुरू की थी। नारेबाजी के साथ ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में सवार किसान रवाना हुए। किसान यहां से मुजफ्फरनगर और मेरठ के रास्ते गाजीपुर बॉर्डर तक जाएंगे। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा और मौके पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सरकार की करनी और कथनी में अंतर आ गया है, यही कारण है कि सात माह से आंदोलनरत किसानों की बात सुनने के लिए सरकार तैयार नहीं है। ये बातें उन्होंने गुरुवार को यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह के नलहेडा गांव में स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
तीन कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग एवं एमएसपी पर न्यूनतम मूल्य की खरीद गारंटी को लेकर पिछले काफी समय से गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ से हजारों किसान रवाना हुए। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने बताया कि सहारनपुर जिले से करीब 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली रवाना हुई हैं। इसके साथ ही किसान अपने निजी वाहनों से भी गाजीपुर के लिए कूच कर रहे हैं।
किसान आंदोलन को तेज करने की कवायद में भाकियू
पिछले करीब सात माह से गाजीपुर बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में तेजी लाने के लिए भाकियू ने गुरुवार को किसान ट्रैक्टर यात्रा निकालने की घोषणा थी। कृषि कानूनों के विरोध में सात माह से गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को गति देने के लिए भारतीय किसान यूनियन की ओर से सहारनपुर के नागल से शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा गुरुवार शाम को मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर पहुंची। जहां पर युवा भाकियू नेता गौरव टिकैत और चरण सिंह टिकैत ने ट्रैक्टर यात्रा का स्वागत किया।
यहां से जनपद के किसानों के ट्रैक्टरों का काफिला ट्रैक्टर यात्रा में शामिल होकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए कूच कर गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत अभी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल नहीं हुए। वह दिल्ली जाते हुए यात्रा में शामिल होंगे।
सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से होते हुए शिवाया टोल प्लाजा पर पहुंची भारतीय किसान यूनियन की किसान यात्रा के पहुंचने से पहले ही पदाधिकारियों ने टोल प्लाजा को फ्री करा दिया। किसानों का आरोप था कि यहां पर प्रशासन ने पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। किसानों के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिस कारण से किसान परेशान है।
धीरे-धीरे किसान शिवाय टोल प्लाजा पर आकर रुक रहे हैं। भगवती कॉलेज में किसानों के रुकने की व्यवस्था है और खाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही टोल प्लाजा को किसानों ने फ्री कर रखा है और सात लाइनों पर किसानों का कब्जा है। एसडीएम सरधना अमित भारतीय भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का काम किया लेकिन, वह नहीं माने।
रात में 10 बजे तक करीब 100 के आसपास ट्रैक्टर और 20 गाड़ियों से किसान पहुंच गए हैं। उधर, नरेश टिकैत ने टोल प्लाजा पर शाम के समय पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ खाना खाया और वहां पर खाने की व्यवस्था को देखा। उन्होंने कहा किसान एकजुट होकर रहें और डटे रहें जब केंद्र सरकार पीछे नहीं हट रही तो किसान भी पीछे नहीं हटेंगे।
चौधरी नरेश टिकैत ने बताया कि यात्रा में हजारों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ शामिल होंगे। सभी ट्रैक्टर पूर्णतया अनुशासन में चलते हुए गंतव्य की ओर बढ़ेंगे, ताकि किसी भी मुसाफिर को परेशानी का सामना न करना पड़े। रास्ते में अलग-अलग पड़ाव पर उस क्षेत्र के किसान भी अपने ट्रैक्टर के साथ जुड़ते चले जाएंगे। उन्होंने यात्रा के दौरान अनुशासन तोड़ने वाले किसानों को बर्दाश्त नहीं करने की भी बात कही है। उधर, बुधवार के भाकियू के सभी पदाधिकारी ट्रैक्टर यात्रा की तैयारी में जुटे रहे।