घर में बनता मिला नकली फूड सप्लीमेंट
मुजफ्फरनगर। जीरो ड्रग्स अभियान के तहत पुलिस ने शहर के घासमंडी क्षेत्र में छापा मारकर नकली फूड सप्लीमेंट बनाकर सप्लाई करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में फूड सप्लीमेंट बरामद किया है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में सोमवार दोपहर हुई प्रेसवार्ता में एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि थाना सिविल लाइंस व क्राइम ब्रांच ने रविवार को शहर के घासमंडी स्थित घर में छापा मारा। मकान में शारीरिक सौष्ठव बनाने वाले नकली फूड सप्लीमेंट की फैक्टरी चलती मिली, जहां से भारी मात्रा में नकली फूड सप्लीमेंट के साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दवाइयां, केमिकल और अन्य सामान बरामद किया गया। मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए लोगों में सरवट गेट निवासी फैक्टरी संचालक जुबेर आलम, दक्षिणी खालापार निवासी मोहम्मद अर्शी और गांव कूकड़ा निवासी आमिल शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी देश-विदेश की नामी कंपनियों ऑन, अल्टीमेट, यूनिवर्सल आदि के हूूबहू नकली सप्लीमेंट तैयार कर उन्हें आसपास के जनपदों के साथ ही लखनऊ, बरेली और हरियाणा व महाराष्ट्र तक सप्लाई करते थे।
सस्ते कार्बोहाइड्रेट व दवाइयों से तैयार करते थे
मुजफ्फरनगर। कम समय में अच्छी बॉडी तैयार करने के लालच में जिम जाने वाले युवा अक्सर फूड सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं। आरोपी इन्हीं युवाओं को ध्यान में रखते हुए नामी कंपनियों के नकली फूड सप्लीमेंट तैयार कर जिम व दुकानों पर सप्लाई करते थे। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि सप्लीमेंट बनाने के लिए सस्ते कार्बो-हाइड्रेट, मेल्टो डेक्सट्रीन फ्लेवर, डेक्सोना और साइप्रोहेप्टाडीन समेत अन्य दवाओं का इस्तेमाल किया जाता था।
सेहत के लिए है हानिकारक
मुजफ्फरनगर। शारीरिक सौष्ठव बनाने की चाह में लगे युवा अक्सर जिम में इन फूड सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि नकली सप्लीमेंट शरीर पर बेहद बुरा प्रभाव डालते हैं। इनके लगातार इस्तेमाल से धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंग किडनी आदि खराब होने शुरू हो जाते हैं, जिससे भविष्य में मौत की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, लगातार इस्तेमाल करने वाले युवा शारीरिक कमजोरी, बेचैनी और हाथ-पैरों में कंपन जैसी स्थिति से भी दो-चार होते हैं।
मेरठ में प्रिंट कराए जाते थे नकली रेपर
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि नकली फूड सप्लीमेंट तैयार करने के लिए हूबहू असली जैसे रेपर, स्टीकर व होलोग्राम आरोपियों द्वारा मेरठ स्थित एक प्रिंटर हाउस से तैयार कराए जाते थे। उक्त प्रिंटर के बारे में जानकारी ली जा रही है, जिसके बाद उसे भी कार्रवाई की जद में लाया जाएगा।
छह महीने से चल रहा था धंधा
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने बताया कि नकली फूड सप्लीमेंट की फैक्टरी में बड़े पैमाने पर करीब छह माह से यह धंधा किया जा रहा था। मौके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का माल बरामद हुआ है। इसमें विभिन्न नामी कंपनियों के 1,42,261 नकली प्रोटीन रेपर, नकली प्रोटीन के 572 डिब्बे, 9,500 खाली डिब्बे, 28 बोरे माल्टा कार्बो-हाइड्रेट, डेक्सोना व सप्लेक्टिन की गोलियां बरामद की गईं हैं। इसके अलावा नकली सप्लीमेंट बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला अन्य सामान भी बरामद किया गया है।
एक डिब्बे पर कमाते थे अच्छा खासा मुनाफा
मुजफ्फरनगर। सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि आरोपियों द्वारा तैयार किए जा रहे नकली फूड सप्लीमेंट की लागत बेहद घटिया व सस्ते पदार्थ इस्तेमाल करने के कारण एक किलो के लिए करीब डेढ़ से दो सौ रुपये और तीन किलो के पैक के लिए तीन से चार सौ रुपये आती थी। आरोपियों द्वारा नकली होने के बावजूद इसे असली सप्लीमेंट के दाम में ही बेचा जाता था। यानि एक किलो के लिए 17 सौ से दो हजार और तीन किलो के लिए चार से छह हजार रुपये तक वसूल किए जाते थे।