धरी रह गई व्यापारियों की बजट से उम्मीदें
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। व्यापारियों को बजट से कई उम्मीदें थीं, लेकिन इनमें से ज्यादातर धरी रह गईं। व्यापारी वर्ग बैंक डिपॉजिट गारंटी बढ़ाने जैसी घोषणाओं को ठीक बता रहा है, लेकिन व्यापारिक सुस्ती को रफ्तार देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने से निराश भी है।
- टूरिज्म को लेकर की गई घोषणा अच्छी है। बैंक डिपॉजिट गारंटी पांच लाख करना भी अच्छा है। सरकार ने इनकम टैक्स में छूट को लेकर की गई घोषणा गोल चक्कर है।
- राजेंद्र काटी, व्यापारी।
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- कपड़े पर लगने वाला टैक्स पांच से 12 प्रतिशत है। इसे कम किया जाना चाहिए था जो नहीं हुआ है। इनकम टैक्स का स्लैब निर्धारण उलझाऊ हो गया है।
- मुदित जैन, कपड़ा व्यापारी।
- आयकर में कोई विशेष राहत नहीं मिलने से निराशा हुई है, लेकिन बजट में विकास की नई योजनाओं से रोजगार में वृद्धि होगी। इसका सीधा असर बाजार में मंदी रोकने में सहायक होगा।
- सुभाष गोयल, साइकिल व्यापारी।
- व्यापार मंदी के दौर से गुजर रहा है। कारोबारी मंदी को दूर करने के लिए जो उपाय होने चाहिए थे, वे नहीं किए गए हैं। कारोबार की रफ्तार काफी सुस्त है।
- गिरीश गाबा, व्यापारी।