संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार
देवबंद (सहारनपुर)। सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी के विरोध में ईदगाह मैदान में महिलाओं के सत्याग्रह के 49वें दिन आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए अगर उन्हें सब कुछ न्यौछावर करना पड़े तो वह इससे भी पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने धरनास्थल पर मौजूद महिलाओं को संविधान की रक्षा का संकल्प दिलाया।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन में आलिया अनवर ने कहा कि वर्तमान में सोची समझी साजिश के तहत देश के संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है, इसलिए देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह संविधान की रक्षा करे। चाहे इसके लिए कोई भी कुरबानी क्यों न देनी पड़ी। आलिया ने कहा कि संविधान बचाने के लिए जो आंदोलन शुरू किया है, वह जारी रहेगा। राबिया अंसारी और हलीमा सादिया ने संयुक्त रुप से कहा कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां जनता ही सरकार बनाती है और जनता ही उसे खत्म करती है। सत्ता के नशे में चूर सरकार को चाहिए कि वह जनता की आवाज सुने और संविधान के खिलाफ लाए गए सीएए को वापस ले। अतूका परवीन ने कहा कि सरकार जान बूझकर आंदोलनकारियों की आवाज नहीं सुनना चाह रही है। सरकार ने संविधान के खिलाफ सीएए लाकर अपनी हिटलरशाही को दर्शाया है।