-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना में मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन ने कहा कि यदि किसी के व्यवहार में कोई बदलाव आ रहा है तो उससे बात करें। चिकित्सक से सलाह लें, मानसिक बीमारी तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या आजकल बेहद आम हो गई है। हर चौथे व्यक्ति में मानसिक विकार के लक्षण दिखाई देने लगे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना में मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मनोरोग चिकित्सकों ने ग्रामीणों को मानसिक रोगों से जुड़ी जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. वीरपाल निर्वाल ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. अर्पण जैन ने कहा कि सबसे सामान्य समस्या एंजायटी है, जिसमें व्यक्ति को घबराहट, बेचैनी और छोटी-छोटी बातों में अत्यधिक फिक्र होती है। इसके बाद डिप्रेशन आता है, जिसमें व्यक्ति उदासी, निराशा और सुसाइड के विचारों से ग्रस्त हो सकता है।
तंबाकू को छोड़ने के लिए निकोटिन गम्स बनाई गई हैं, जो सीएचसी पर निःशुल्क उपलब्ध हैं। शिविर में डॉ. अंशिका मलिक, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सतेन्द्र कुमार, डॉ. नसीब आलम, डॉ. प्रशांत कुमार, नरेन्द्र कुमार, रामकुमार शर्मा, महिपाल राठी, आशीष निर्वाल मौजूद रहे।
अपनों के बीच जरूर बिताएं समय
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि मानसिक रोगों का इलाज संभव है, लेकिन इसके लिए सही दवाइयों, लाइफस्टाइल में बदलाव और प्रिवेंशन मेथड्स की जरूरत होती है। नियमित योगा, मेडिटेशन और एक्सरसाइज मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। खानपान पर ध्यान देना और अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना भी मानसिक रोग से उबरने में मददगार साबित होता है। भागदौड़ भरी जिंदगी ने जीवन में तनाव भर दिया है।