मुजफ्फरनगर। उद्यमी से 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में शासन ने राज्यकर अधिकारी एसआइबी हिमांशु लाल को निलंबित कर दिया। उद्यमियों की एकजुटता के कारण करीब 11 घंटे में ही विभाग ने यह कार्यवाही की। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में अधिकारियों से बात की।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने बुधवार को सिटी सेंटर मार्केट स्थित जीएसटी कार्यालय पर पहुंचकर हंगामा किया था। ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी सिद्धेष दीक्षित की मौजूदगी में आईआईए अध्यक्ष अमित जैन ने आरोप लगाया था कि एसोसिएशन से जुड़े राजेश जैन को एक सप्ताह से परेशान किया जा रहा है। राज्यकर अधिकारी एसआइबी की ओर से उद्यमी को छापे की धमकी दी गई थी।
उद्यमी से रिश्वत के रूप में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। उद्यमी को डराने और धमकाने का काम किया गया। कुछ गोपनीय सूचनाएं जो सिर्फ विभाग के अधिकारियों के पास होती है। उन्हें भी उद्यमी से साझा किया था।
दोपहर करीब 12 बजे उद्यमियों ने हंगामा किया। मामले ने तूल पकड़ा। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने हस्तक्षेप किया। देर रात 11 बजे आरोपी अधिकारी का निलंबन हो गया।
ज्वाइंट कमिश्नर एसआइबी सिद्धेष चंद्र दीक्षित ने बताया कि राज्यकर अधिकारी के विरुद्ध आई शिकायत के बाद मामले को शासन को अवगत करा दिया गया था। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से आरोपी अधिकारी को निलंबित कर झांसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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आईआईए पदाधिकारियों ने राज्यमंत्री का जताया आभार
मुजफ्फरनगर। रिश्वत के रूप में 50 लाख रुपये की मांग करने वाले राज्यकर अधिकारी के निलंबन पर आईआईए ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल का आभार जताया। अध्यक्ष अमित जैन ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई कराने के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल के गांधी नगर स्थित आवास पर जाकर आभार प्रकट किया गया। विपुल भटनागर, अश्वनी खंडेलवाल, अशोक अग्रवाल, अनमोल, पवन गोयल आदि शामिल रहे। उधर, राज्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।