मुजफ्फरनगर। शेरनगर की 21 हेक्टेयर भूमि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में लिए जाने के एमडीए के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध हो रहा है। गांव के लोगों ने पंचायत घर में बैठक कर दो टूक कहा कि वे कॉलोनी के लिए एक भी इंच भूमि प्राधिकरण को नहीं देंगे। एमडीए के प्रस्ताव के विरोध में आक्रोश प्रकट किया गया। आगे की रणनीति तैयार करने के लिए 11 लोगों की संघर्ष समिति का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत एमडीए शहर में आवासीय कॉलोनी बसाने का खाका खींच रहा है। योजना के तहत गांव रुकनपुर और पीनना की करीब 11 हेक्टेयर भूमि किसानों से लेने का खाका खींचा गया था। इसके बाद गांव शेरनगर की भी 21 हेक्टेयर भूमि लेने का प्रस्ताव भी एमडीए बोर्ड बैठक में रखा गया। इसका गांव शेरनगर के किसानों ने विरोध किया।
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प्रस्ताव पर नाराजगी जताते हुए गांव के पंचायत घर में सुकेश कुमार की अध्यक्षता में एकत्र हुए 50 से अधिक किसानों ने साफ कहा कि वे अपनी एक इंच भूमि भी एमडीए को नहीं देंगे।
इस दौरान 11 सदस्यीय संघर्ष समिति गठित कर आवास विकास परिषद मेरठ और एमडीए के गांव के किसानों की भूमि लिए जाने के प्रस्ताव पर नाराजगी प्रकट की गई। निर्णय लिया कि जन प्रतिनिधियों के समक्ष यह मामला गरिमापूर्ण तरीके से उठाते हुए मामले का पुरजोर विरोध किया जाएगा।