संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। लाइन में ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या से बचने के लिए ऊर्जा निगम 11केवी से अधिक के औद्योगिक विद्युत कनेक्शन पर वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) लगाने पर जोर दे रहा है। उद्यमियों को इससे संबंधित नोटिस प्राप्त होने पर आईआईए की ओर से मामले में विरोध जताते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक को पत्र लिखकर राहत देने की मांग की गई है।
ऊर्जा निगम बाधा रहित आपूर्ति और उद्यमियों को ट्रिपिंग से बचाने सहित अपने उपकरणों की सुरक्षा के लिए 11केवी से अधिक के कनेक्शन वाले प्लांट में वैक्यूम सर्किट ब्रेकर लगाने पर जोर दे रहा है। निदेशक विद्युत सेफ्टी की ओर से एनओसी पाने के बावजूद कुछ उद्यमियों को वीसीबी लगाने के लिए नोटिस मिलने पर नाराजगी है। इसकों लेकर आईआईए की ओर से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक एनके मिश्रा को पत्र लिखकर उद्यमियों को इससे मुक्त रखने की मांग की गई है।
-नोटिस ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में बड़ा रोड़ा
आईआईए चेयरमैन पवन कुमार गोयल का कहना है कि एक ओर तो सरकार ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के माध्यम से उद्यमियों को नए प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। दूसरी ओर निगम की ओर से वीसीबी आदि लगाने के लिए नोटिस जारी किये जा रहे हैं। एक वीसीबी लगाने में तीन लाख से अधिक का खर्च आता है।
-प्रदेश में उद्यमियों को प्रोत्साहन की आवश्यकता
आईआईए के पूर्व चेयरमैन शरद जैन का कहना है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार की ओर से ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की नीति के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी उद्यमी सरकारी विभागों के दांवपेंच में फंस नियमानुसार अपना उद्योग कम समय में स्थापित कर संचालित कर सके। अभी भी उद्यमियों को प्रोत्साहन की आवश्यकता है।
क्या है उद्योगों में लगने वाला वैक्यूम सर्किट ब्रेकर
वीसीबी एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है, जो विद्युत सर्किट की सुरक्षा करता है। वीसीबी का उपयोग आमतौर पर मध्यम और उच्च वोल्टेज अनुप्रयोगों में किया जाता है। सीआर पैनल का उपयोग विभिन्न प्रकार के विद्युत प्रणालियों में किया जाता है। यह ऐसा पैनल है, जिसमें विभिन्न प्रकार के रिले लगे होते हैं, जो विद्युत सर्किट की निगरानी और नियंत्रण करते हैं।
-सुरक्षा के लिए वीसीबी आवश्यक : पवन कुमार अग्रवाल
ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल का कहना है कि वीसीबी यानी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर लगाने से उद्यमियों को भी लाभ है। उद्योगों में यह लगाने से लाइन ट्रिप नहीं करती, फॉल्ट से बचा जा सकता है और निगम के उपकरण भी सुचारू रहते हैं।