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शिक्षा ऋषि का भावपूर्ण स्मरण

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शिक्षा ऋषि का भावपूर्ण स्मरण
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। तीन सदी के युगदृष्टा रहे महान संत व शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की 17वीं पुण्यतिथि बेहद सादगी से मनाई गई। शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संतों, समाजसेवियों व शिक्षाविदों ने स्वामी कल्याणदेव की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। बाद में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
तीर्थनगरी शुकतीर्थ के स्वामी कल्याणदेव की 17वीं पुण्य तिथि बेहद सादगी से मनाई गई। शिक्षा ऋषि के समाधि मंदिर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव सद्गुणों के समुद्र एवं लोक मर्यादा व चरित्र निर्माण के साधक थे। उन्होंने अपने जीवन को प्राचीन भारतीय संस्कृति की विरासत, गरीब की सेवा, समाज की शिक्षा और निस्वार्थ लोक सेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने किसी तरह की सुख-सुविधा एवं धन संचय की सुविधा की ओर ध्यान न देकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनका व्यक्तिव प्राचीन संस्कृति के साथ ही सच्चाई, संयम और कठोर परिश्रम जैसे सद्गुणों की कड़ी साधना का प्रतीक है। उनका जीवन तपस्वी जीवन, वाणी, प्यार और मानवता को सदैव उत्साह और प्रेरणा देता रहेगा। समाधि मंदिर में स्वामी भरतदेव महाराज, समाज सेवी देवराज पंवार, ज्योतिषाचार्य राम स्नेही महाराज, मास्टर विजय सिंह, प्रधानाचार्य गिरीश उत्प्रेती, रमेश मलिक, मदन पाल एडवोकेट, कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री, सुमन कृष्ण, मुकेश शर्मा, हरीश शर्मा, दीपक मिश्रा, सुनील ढाका, शैलेश चौरसिया, विजय शर्मा, आचार्य प्रदीप, अरुण और विकास समेत अन्य लोगों ने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद मंदिर परिसर में भंडारा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। साधु-संतों को दान-दक्षिणा भी दी गई।
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रेलवे स्टेशन पर किया भंडारा
मुजफ्फरनगर। शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की पुण्यतिथि पर रेलवे स्टेशन परिसर में भंडारा किया गया। सत्यप्रकाश रेशू ने स्वामी जी के कार्यों के प्रति नमन करके लोगों को भोजन कराया। इस दौरान मास्टर विजय, प्रेमसागर, गुरजीत सिंह, सचिन खुराना, अनिल बजाज आदि मौजूद रहे।
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