गांव टंढेड़ा के रहने वाले यशपाल सिंह का कहना है कि गांव में वोट मांगने सब आते हैं, लेकिन रास्ता बनाने की बात कोई नहीं करता। हमारा रास्ता वर्षों से खराब है। इसलिए गांव में नेताओं को वोट भी मांगने नहीं आना चाहिए।
ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि हमें सड़क चाहिए। बेहड़ा-टंढेडा मार्ग हर सूरत में बनना चाहिए। यहां से हर साल लाखों कांवड़िये गुजरते हैं, जो हस्तिनापुर, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर तक जाते हैं।
रमन सिंह का कहना है कि हम रास्ते से परेशान हैं। इस मार्ग पर ट्रैक्टर से चार किमी की दूरी एक घंटे में तय होती है। कई बार क्षेत्र में आने वाले अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।
मुकेश सैनी का कहना है कि रास्ते में मोटे व नुकीले पत्थर होने के कारण भैंसें व बैलों के पैरों में चोटें आ रही हैं। बाइक पर सवार कईं महिला-पुरुष घायल हो चुके हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव टंढेड़ा निवासी एडवोकेट दीपक चौधरी का कहना है कि लंबे समय से बेहड़ा सादात-टंढेड़ा मार्ग का निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीण बार-बार इस मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।