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कुछ दफ्तरों में ही दिखाई दिया मुख्यमंत्री के आदेश का असर       

Fri, 24 Mar 2017 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर रोडवेज बस स्टैैंड पर फैली गंदगी। - फोटो : अमर उजाला
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सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सरकारी कार्यालयों में पान-गुटखा खाने पर पाबंदी लगा दी है। यह कदम जहां स्वच्छता के लिहाज से अच्छा है, वहीं इस पर पाबंदी उतनी ही मुश्किल है। जनपद के सरकारी दफ्तरों में आका के आदेशों का कोई मौल नहीं है।
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  सरकारी दफ्तरों में अफसरों के टाइम से आने की नसीहत के साथ पान मसाला चबाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत सरकारी विभागों में नियमित साफ सफाई के आदेश जारी किए हैं। जनपद में इन आदेशों पर तस्वीर उलट है। अधिकारियों के आगे सीएम के आदेश कोई मौल नहीं रखते हैं। सरकारी कार्यालयों का गंदगी के कारण हाल-बेहाल है।

रोडवेज डिपो, एआरटीओ ऑफिस के साथ विकास भवन में भी पान की पीकें मिलीं। आदेश का कितना असर है, विकास भवन में पान-गुटखा की पीकों से भरे गमले बता रहे हैं। कोनों में साफ-सफाई तो शुरू करा दी गई, लेकिन अनेक स्थानों पर गुटखों की गंदगी जमा है। सरकारी अस्पताल में भी पान की पीकें मारकर दीवारों की सूरत बिगाड़ रखी है।
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 रोडवेज में अधिकारियों ने निर्देश जारी कर नियमित साफ-सफाई का हुक्म दिया है, जबकि वेटिंग रूम में सीट के निकट ही पान की पीकें सफाई आदेश का मखौल उड़ा रही हैं। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि सफाई को लेकर सभी कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। नियमित सफाई कराई जाएगी। दीवारों, कोनों पर पान-मसाले की पीक मारने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।             

डीएम ने जारी किया आदेश            
डीएम दिनेश कुमार ने सभी सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि निरीक्षण में जिस कार्यालय में गंदगी मिलेगी, वहां के अधिकारी और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके चलते बृहस्पतिवार को कई विभागों में कर्मचारियों ने सफाई अभियान चलाया।
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