कर्मचारियों को मशीन के बार में जानकारी देते अधिकारी।
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अप्रैल माह में राशन की दुकानों से राशन ई-पीओएस मशीन के जरिए मिलेगा। इस मशीन के जरिए कार्ड धारक के अंगूठे से मिलान करके खाद्यान्न दिया जाएगा। 31 मार्च तक सभी कार्ड धारकों को अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अपने राशन डीलर के यहां उपलब्ध कराना होगा, नहीं तो उन्हें राशन नहीं मिलेगा।
राशन की काला बाजारी रोकने के लिए विभाग ने ई-पीओएस प्रणाली को लागू किया है। पहले चरण में जिले में 24 मशीने उपलब्ध हुई है। जिले के नगरीय क्षेत्र बुढ़ाना, जानसठ, चरथावल और ग्रामीण क्षेत्र के खतौली ब्लाक के गांव मढ़करीमपुर और बुढ़ाना ब्लाक के गांव गढ़ी नौआबाद में ई-पीओएस मशीन दे दी गई है। जिनके माध्यम से उक्त क्षेत्रों में माह अप्रैल में आधार कार्ड से मशीन के माध्यम से अंगूठे का मिलान कर खाद्यान्न का वितरण कार्डधारियों में किया जाएगा।
मंगलवार को डीएसओ कार्यालय पर ई-पीओएस मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। हरीश शर्मा ने राशन विक्रेताओं को ई-पीओएस मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। डीएसओ मदन यादव ने बताया कि जिले में पहले चरण में 24 मशीनें आई है, जिन्हें उक्त क्षेत्र के राशन विक्रेताओं को दे दिया गया है। दूसरे चरण में मई माह के अंत तक जिले के सभी राशन विक्रेताओं को ये मशीनें उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ये मशीनें इंटरनेट से जुड़ी हैं।
दुकान पर संबद्ध समस्त राशन कार्डों का विवरण उक्त मशीन में दर्ज है। कार्डधारी द्वारा ही मशीन पर अपना अंगूठा लगाने पर मशीन आधार कार्ड से अंगूठे का मिलान करने के उपरांत ही खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। 31 मार्च तक कार्ड धारकों को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अपने राशन विक्रेता को देना अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले कार्ड धारक को अप्रैल माह में खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाएगा।