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जिले में रिकार्ड बारिश से शहर की कई बस्तियां जलमग्न, मकान ढहे 

Thu, 10 Aug 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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जिले में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश बुधवार को 78.8 मिली मीटर रिकार्ड हुई। भारी बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर की सड़कों के गड्ढे भी सामने आ गए। मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश दे रात तक होती रही। बुधवार को भी पूरे दिन आकाश में काले बादल छाए रहे। सुबह के समय ही अच्छी बारिश हुई। दिन में कई बार जमकर पानी पड़ा।
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बारिश के कारण शिवचौक पर एक बार फिर पानी भर गया। शहर की निचली बस्तियों के हालात खराब हो गए हैं। जनकपुरी, रामपुरी, खादरवाला में लोगों के घरों में पानी घुस गया। शहर में कई स्थानों पर मकानों की दीवारें भी गिर गई। बारिश ने सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के अभियान की पोल भी खोल दी है। बारिश के बाद सड़कों की सच्चाई सामने आ गई। 
सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे साफ दिखाई दिए।

सुबह के समय हुई तेज बारिश के चलते जहां सब कुछ थमा रहा, वहीं बारिश के रुकने के बाद सड़क पर अचानक भीड़ दिखाई दी। बार-बार बारिश के कारण के कारण लोग बाजार में खरीदारी के लिए बारिश के रुकने का इंतजार करते रहे। ईओ विकास सेन ने बताया कि शहर की जिन बस्तियों में पानी भर गया है, वहां पर निकासी की व्यवस्था की जा रही है।  
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परिवार को सांत्वना देने कोई नहीं पहुंचा 
मुजफ्फरनगर। कहते हैं गरीब का कोई नहीं होता। कुछ ऐसा ही बुधवार को खांजापुर के गरीब कश्यप परिवार के साथ हुआ। मकान की छत गिरने से इस परिवार की 14 साल की एक लड़की की मौत हो गई। तहसील से एसडीएम तहसीलदार तक घटना स्थल पर नहीं गए। डीएम जीएस प्रियदर्शी से जब बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह सहारनपुर मीटिंग में थे। तहसील अधिकारियों को मृतक परिवार के पास जरुर जाना चाहिए था। उधर, यह क्षेत्र पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल का पड़ता है। विधायक और उनकी पार्टी का कोई व्यक्ति जनेश्वर कश्यप की पीड़ा में शामिल होने नहीं पहुंचा।

मूसलाधार बारिश से किसानों के खिले चेहरे 
चरथावल कस्बे के अलावा आसपास गांवों में बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से किसानों ने राहत महसूस की। खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश वरदान मानी जा रही है। किसान दिनेश त्यागी, सत्तार त्यागी, असलम त्यागी, देवदत्त का कहना है कि फसलों के बढ़वार में बारिश मुफीद है। वहीं ईख की फसलों में आए रोगों से भी काफी हद तक निजात मिलने की संभावना है। धान के लिए बारिश सबसे अच्छी मानी जा रही है।

किसानों का कहना पूरे सावन में खेतों में डीजल पंप चलाकर फसलों का बचाने में काफी आर्थिक नुकसान हो चुका है, लेकिन अरसे बाद भादवे में बरसात ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी है। दूसरी ओर, कस्बे में जल निकासी के माकूल नहीं होने के कारण राजीव मार्केट और मुर्दापट्टी मोहल्ले में सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। जलभराव के कारण काफी लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं, लाइन में फाल्ट आने के कारण पूरे दिन बिजली गुल रही। उधर, करीब डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश के कारण घिस्सुखेड़ा गांव में दिलेराम कश्यप का मकान की छत ढहने से घरेलू सामान बर्बाद हो गया।

मकान की छत गिरी, बालिका की मौत  
मूसलाधार बारिश गरीबों पर कहर बनकर टूटी। बारिश से जहां कई मकानों की छत गिर गई, वहीं एक मकान की छत गिरने से दूध लेने पहुंची एक बालिका की दबकर मौत हो गई। जबकि मकान मालिक और उसकी दो बेटियां गंभीर घायल हो गई। उनको मेरठ रेफर कर दिया गया। शहर में मंगलवार शाम से मूसलाधार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गई। बुधवार सुबह भी जमकर बारिश हुई।

इसी दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र में बुढ़ाना मोड़ पर स्थित खांजापुर निवासी शेरसिंह पुत्र नकली सिंह के घर की छत बारिश के चलते अचानक भरभराकर गिर गई। इस दौरान पड़ोस में रहने वाली बालिका शालू (12) दूध लेने के लिए शेरसिंह के घर आई थी। छत के मलबे के नीचे दबने से शालू की मौत हो गई। जबकि शेरसिंह व उसकी पुत्रियां निशा व ज्योति गंभीर घायल हो गई। 

घटना के बाद मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए और उन्होंने सभी को मलबे से निकाला। तब तक शालू की मौत हो चुकी थी। शेर सिंह और उसकी दोनों बेटियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।  डॉक्टरों ने तीनों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। मृतक बालिका के परिजनों ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कराई और गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किदवईनगर में भी दो मकानों की छतें गिर गईं, जिसमें जान का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि काफी सामान मलबे में दब गया।
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