करोड़ों खर्च के बाद भी पेयजल व्यवस्था चरमराई
मुजफ्फरनगर, खतौली। कस्बे में नगरपालिका परिसर में स्थित पेयजल की टंकी करीब डेढ़ दशक से रिस रही है, जिसके चलते नगर में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। पानी के लिए नगर क्षेत्र केवल ट्यूबवेलों से हो रही सप्लाई पर निर्भर है। इसके चलते लोगों में पालिका की कार्यशैली को लेकर रोष व्याप्त है।
कस्बे में वर्ष 1988 में नगरपालिका परिसर में करीब 15 हजार लीटर क्षमता स्टोरेज वाली पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। निर्माण के महज डेढ़ दशक बाद ही उक्त टंकी में दरारें पड़ने लगी। वह इस कदर बदहाल स्थिति में पहुंच गई और उससे पानी का रिसना शुरू हो गया। इसके चलते इस टंकी में क्षमता से काफी कम पानी स्टोरेज किया जाने लगा, जो नगर क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए नाकाफी था, तब से आज तक टंकी में क्षमता से कम पानी स्टोरेज के चलते नगर क्षेत्र में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। पानी सप्लाई सुचारु रखने के लिए पालिका द्वारा ट्यूबवेलों का सहारा लिया गया, लेकिन यह भी नाकाफी रहा। इसके बावजूद अब तक पेयजल सप्लाई के लिए किसी भी बोर्ड द्वारा कारगर कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके साथ ही नगर की पेयजल पाइप लाइन भी बेहद खस्ताहाल हो चुकी है, जो कब कहां से क्षतिग्रस्त हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। पेयजल सप्लाई को लेकर पालिका की इस अनदेखी के प्रति लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
क्या कहते हैं नागरिक
- वार्ड 23 के मोहल्ला बालकराम निवासी जमील अहमद का कहना है कि पालिका बाजार में पेयजल के लिए लगी टयूबवेल कई दिन से बंद हैं, जिससे पेयजल मुहैया नहीं हो पा रहा है।
- वार्ड 19 के मोहल्ला काजियान निवासी जयभगवान जैन का कहना है कि पेयजल शुद्ध नहीं आता। कही भी पाइप लाइन टूट जाती है, जिससे गंदा पानी आने लगता है। इसके चलते उन्होंने पानी का कनेक्शन कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया हुआ है।
- वार्ड 10 के मोहल्ला सैनीनगर निवासी इकबाल का कहना है कि उनके क्षेत्र में नलकूप से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं होती। इसके चलते उन्हें पेयजल के लिए नल लगवाना पड़ा है।
- वार्ड 17 के मोहल्ला मिठठूलाल निवासी प्रवीण गुप्ता का कहना है कि पालिका पेयजल सप्लाई के अपने मूल मुद्दे से ही भटक चुकी है। यदि इसके लिए पालिका में शिकायत भी की जाए, तो सुनवाई नहीं होती।
इन्होंने कहा ....
नगरपालिका ईओ जेपी यादव का कहना है कि पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है, जो पानी भरने पर रिसने लगती है। इसी कारण पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है।
चेयरमैन बिलकिस बेगम का कहना है कि पानी की नई टंकी के लिए डीपीआर शासन को भेजा हुआ है। शासन से अनुमति मिलते ही नई टंकी का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।