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आरक्षण हटें तो प्रधान बनने का सपना हो पूरा

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आरक्षण में बदलाव होने पर ही प्रधान बनने का सपना होगा पूरा
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मुजफ्फरनगर। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अरसे से प्रधान बनने का ख्वाब देखने वालों के लिए प्रस्तावित आरक्षण से मायूसी मिली है। जिले में सैकड़ों प्रधान पद के दावेदारों ने आरक्षण हटवाने के लिए संबंधित विकास खंड कार्यालय में अंतिम दिन भी आपत्तियां दाखिल की हैं। उम्मीदवारों को आशा है कि सियासत के दांवपेंच अथवा जुगलबंदी से फाइनल आरक्षण में गांव सामान्य श्रेणी में आ जाएं, तो प्रधानी लड़ने का रास्ता साफ हों। आपत्तियों में अधिकांश आबादी के मुताबिक आरक्षण नहीं किए जाने का कारण दर्शाया गया।
शासन द्वारा घोषित आरक्षण से प्रधान पद के सैकड़ों दावेदारों के अरमान धरे के धरे रह गए। एससी में जो गांव कभी नहीं आए, उन्हें पहली बार रिजर्व कर दिया गया। चरथावल ब्लाक में आई 26 आपत्तियों में एससी के लिए आरक्षित दूधली से सबसे ज्यादा आपत्ति आई हैं। रविंद्र, राकेश और मदन, विनोद आदि ने गांवों को आबादी के अनुपात में सामान्य करने की मांग की। कुटेसरा को एससी में शामिल करने पर नाराजगी है। कय्यूम ने इस गांव को सामान्य कराने को प्रार्थना पत्र दिया। पावटी को भी गफ्फार ने पिछड़े वर्ग से सामान्य में लाने के लिए आपत्ति प्रस्तुत की। कुल्हेड़ी के मुरसलीन ने गांव को एससी से सामान्य कराने और दहचंद के हरपाल चुनाव को पिछड़ा वर्ग सीट पर चाहते है, तो रैय्यान सामान्य में चुनाव की चाहत रखते है। जरीस और साबिर निरधना को भी पिछडे वर्ग से सामान्य कराने को पत्र दिया। दधेडू कलां से अथर और शमशाद ने पिछडे वर्ग से सामान्य श्रेणी में चुनाव के इच्छुक है।
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भैंसी गांव पर आपत्ति दर्ज
खतौली। गांव भैंसी इस बार एससी में आरक्षित हुुआ है। भैंसी से वीरपाल, आकाश, मोहित, अखिल, आकाश, अनुराग, जितेंद्र कुमार, सुनील आदि ने आपत्ति लगाई। तर्क दिया कि गांव में एससी की संख्या बहुत कम है। इसलिए गांव का आरक्षण से मुक्त रखा जाए। खतौली ग्रामीण से जानूदीन, अमीर अहमद, महमूद ने आपित्त दर्ज कराई कि क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 94 को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि उक्त वार्ड में कोई भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति की वोट नहीं है। पलड़ी से अंकित, नावला से विनीत त्यागी, खांजापुर में सहेंसर पाल ने प्रधान पद पर आपत्ति दर्ज कराई है।
पुरकाजी। खाईखेड़ी के धीरज त्यागी, अनुज कुमार, कार्तिक त्यागी, भानू त्यागी ने आपत्ति दर्ज कराई। बताया कि सात प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग के होने के बावजूद प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षित कर दिया, जो सामान्य होना चाहिए। रजकल्लापुर एससी के लिए आरक्षित है, जिस पर प्रमोद कुमार ने अन्य पिछड़ा वर्ग में किए जाने की मांग की गई है। खुड्डा भी एससी में आरक्षित हुआ है। शकील, मुर्सलीन, विकास, सुलेमान ने पिछड़ा वर्ग में आरक्षित करने की मांग की है।
पंचायत चुनाव आरक्षण पर 497 आपत्तियां
मुजफ्फरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जारी आरक्षण को लेकर कुल 497 आपत्तियां आई हैं। आखिरी दिन 152 ने आपत्ति दर्ज कराई है। पुरकाजी ब्लाक में कुल 33 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। यहां आखिरी दिन सात आपत्ति दर्ज कराई गई। सदर ब्लाक में 13 आपत्तियां आई है, इनमें छह अंतिम दिन आई। बघरा ब्लाक में कुल पांच आपत्ति आई हैं, इनमें तीन आखिरी दिन मिली। चरथावल में कुल 26, शाहपुर में पांच, बुढ़ाना में 18, खतौली में 22 और जानसठ ब्लाक में 14 आपत्तियां दर्ज कराई गई। मोरना में केवल एक ही आपत्ति आई हैं। डीपीआरओ ऑफिस में 163 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। कलक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में सबसे ज्यादा 190 आपत्तियां आई हैं। अपर मुख्य अधिकारी कार्यालय में सात आपत्ति दर्ज हुई। जिले में कुल 497 आपत्ति दर्ज कराई गई है।
प्रधान पद के लिए प्रत्याशी खर्च कर सकेंगे 75 हजार
मुजफ्फरनगर। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तीय पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के लिए चुनाव के खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी है। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने वाला अधिकतम दस हजार रुपये खर्च कर सकता है। ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़ने की 75 हजार रुपये चुनाव में खर्च करने की सीमा निर्धारित की गई हैै। बीडीसी का चुनाव लड़ने वाला भी अधिक से अधिक 75 हजार रुपये खर्च कर सकता है। जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लडऩे वाला अधिकतम डेढ़ लाख रुपये चुनाव में खर्च कर सकता है।
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2976 बूथों पर डलेंगे वोट
मुजफ्फरनगर। जनपद में त्रिस्तीय पंचायत चुनाव कराने के लिए सभी नौ ब्लॉकों में 1057 मतदान केंद्र और 2976 बूथ बनाए है। इस बार 17 लाख 22 हजार 30 मतदाता चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पुरकाजी ब्लाक में 202 बूथ, सदर में 479, खतौली में 375, जानसठ में 334, मोरना में 297, बघरा में 333, चरथावल में 298, शाहपुर में 255 तथा बुढ़ाना में 403 बूथ बनाए गए है।
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