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Muzaffarnagar News: गंदगी से अटे नाले, फाइलों में हो रही सफाई

Wed, 02 Jul 2025 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। शहर में गंदे जल की निकासी के लिए छोटे-बड़े 80 नाले हैं। बरसात से पहले नालों की तली झाड़ सफाई का काम शुरू हुआ था। दावा किया गया था कि अधिकतर नालों को साफ कर दिया गया। लेकिन बारिश ने पालिका के दावों की पोल खोल दी। निकासी अवरुद्ध होने के कारण मामूली बारिश में भी जलभराव हो रहा है।
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पूर्व में बरसात से पहले नालों की सफाई का काम ठेके पर होता रहा। लेकिन पिछले कुछ वर्षो से नगर पालिका स्वास्थ्य विभाग चंद बड़े नालों को छोड़कर बाकी की सफाई का काम गैंग लगाकर अपने संसाधनों से करा रहा है। मुख्य सफाई निरीक्षक प्लक्षा मेनवाल ने बताया कि पालिका क्षेत्र में सात बड़े और 16 मझौले नाले हैं। जबकि 57 छोटे नाले हैं। उन्होंने बताया कि छोटे नालों की सफाई गैंग लगाकर करा दी गई है। एक नाला गैंग में 18 सफाई कर्मचारी शामिल रहते है। वहीं मझौले और कुछ बड़े नालों की सफाई जेसीबी मशीन से कराई गई है।


पांच बड़े नालों की सफाई का बजट 35 लाख

शहर के पांच बड़े नालों की सफाई की जिम्मेदारी पालिका निर्माण विभाग को सौंपी गई है। बोर्ड से बाकायदा प्रस्ताव पास कर इन नालों की सफाई के लिए करीब 35 लाख रुपये में ठेके छोड़े गए है। निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजीव सोनकर ने बताया कि प्रेमपुरी सहित पांच नालों की सफाई स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम से कराई जा रही है। बताया कि प्रेमपुरी से नई बस्ती तक नाले की सफाई पर 8.9 लाख, देवी मंदिर से रामपुरी तक नाला सफाई पर 9.2 लाख, शिव चौक से अनुमान मंदिर तक नाले की सफाई पर 4.4 लाख और गांधी कॉलोनी पचैंडा वाले नाले की सफाई पर 3.8 लाख और भोपा रोड पेट्रोल पंप वाले नाले की सफाई पर 8.2 लाख रुपये का खर्च आ रहा है।
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नालों में गंदगी के कारण निकासी हो रही अवरुद्ध
शहर के अधिकांश नालों में गंदगी, प्लास्टिक, पॉलीथिन और थर्माकोल आदि के कारण निकासी अवरुद्ध हो रही है। तली झाड़ सफाई का दावा किया गया है, बावजूद नालों में सिल्ट मौजूद होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही। यही कारण है कि बरसात में नाले उफान पर आ जाते हैं।
तली झाड़ सफाई न होने से परेशानी: संजीव
संजीव कुमार का कहना है कि नालों की तली झाड़ सफाई का सिर्फ दावा किया जाता है। यदि नालों से गंदगी साफ नहीं होगी तो निकासी अवरुद्ध तो रहेगी ही।


बारिश में नालों की बाहर आती है सिल्ट: सुहेल
सुहेल अंसारी का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही नालों की सिल्ट पानी के साथ बहनी शुरू हो जाती है। यदि सफाई बेहतर तरीके से हो तो ऐसा नहीं होगा।


बरसात के अलावा नियमित सफाई जरूरी:शाहनवाज
पालिका केवल बरसात के दिनों में ही नालों की सफई कराती है। जबकि नालों की नियमित सफाई कराना आवश्यक है। सही तरीके से सफाई न होने से नाले उबल जाते हैं।


सफाई के बाद तुरंत नहीं उठाते सिल्ट: निशुदीप
निशुदीप का कहना है कि नालों की सफाई होती है तो निकाली गई सिल्ट किनारों पर डाल दी जाती है। जो धीरे-धीरे फिर से नालों में पहुंच जाती है। सफाई के साथ सिल्ट तुरंत ही उठानी चाहिए।
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