देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा जारी वसूली नोटिसों को वापस लिए जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत किया है।
शनिवार को मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने जनता में अदालतों के प्रति विश्वास को ओर मजबूत किया है। उम्मीद है कि जिन लोगों पर सीएए व एनआरसी के विरोध को लेकर मुकदमे दर्ज किए गए थे। उन्हें भी जल्द ही वापस ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरठ सहित देश के अन्य शहरों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किए गए थे। जिसमें सैकड़ों लोगों के खिलाफ संपत्ति कुर्क करने के आदेश किए गए थे। जिसके बाद जमीयत उलमा-ए-हिंद ने ऐसे मामलों की पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वसूली नोटिस को वापस लिए के संबंध में लिया गया फैसला स्वागत योग्य है। मौलाना मदनी ने कहा कि अब मुसीबतों के दरवाजे बंद होना शुरू हो गए हैं।