मुजफ्फरनगर। वसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा खूब प्रयोग किया है। मांझा जानलेवा है। शहर में खालापार, मोती महल, नई मंडी व गली मोहल्लों में यह मांझा बेचे जाने के आरोप लगते रहे। कई बार हंगामे भी हुए। अब चोरी-छिपे मांझा बेचा जाता है।
वसंत पंचमी पर पतंग की दुकानें सजने लगी हैं। इस साल वसंत पंचमी का पर्व दो फरवरी को है। शहर में खूब पतंगबाजी होती है। पहलेे तो लोग कॉटन से बने मांझे से पतंग उड़ाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने का चलन शुरू हुआ। कॉटन के मांझे के सापेक्ष चाइनीज माझा पतंगबाजों ने खूब पसंद किया। लेकिन लगातार दुर्घटनाओं के कारण मांझे के प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया। इसके बाद भी मांझा को बेचा जाना बंद नही किया गया है, यदि लोगों की माने तो खालापार, मोती महल व शहर की गलियों में यह मांझा चोरी छिपे खूब बेचा जाता रहा। पुलिस ने पूर्व समय में छापेमारी कर मांझा बरामद भी किया था।