मुजफ्फरनगर। गर्मी का मौसम शुरू होते ही आवारा कुत्ते खूंखार होने लगे हैं। गली-मोहल्लों में गुजरने वाले लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। नतीजतन रेबीज से बचाव के लिए जिला अस्पताल में एआरवी लगवाने वालों का आंकड़ा प्रतिदिन 100 से ऊपर पहुंच रहा है। पिछले चार दिन में शहर से लेकर देहात तक पांच सौ लोगों पर कुत्ते हमला कर चुके हैं।
जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. समीर सिद्दीकी का कहना है कि कुत्ता काटने से हाईड्रोफोबिया नाम की बीमारी होने का खतरा रहता है।
इस बीमारी का सबसे बड़ा व अंतिम लक्षण पीड़ित का पानी के प्रति दहशत और उससे दूर भागने के रूप में सामने आता है, लेकिन जब तक यह लक्षण किसी पीड़ित में दिखाई पड़ता है बीमारी शरीर में विकराल रूप ले चुकी होती है। इसलिए किसी संक्रमित कुत्ते के काटते ही उपचार शुरू कर देना चाहिए।
जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. समीर सिद्दीकी का कहना है कि कुत्ता काटने से हाईड्रोफोबिया नाम की बीमारी होने का खतरा रहता है। इस बीमारी का सबसे बड़ा व अंतिम लक्षण पीड़ित का पानी के प्रति दहशत और उससे दूर भागने के रूप में सामने आता है, लेकिन जब तक यह लक्षण किसी पीड़ित में दिखाई पड़ता है बीमारी शरीर में विकराल रूप ले चुकी होती है। इसलिए किसी संक्रमित कुत्ते के काटते ही उपचार शुरू कर देना चाहिए।
- अस्पताल में चार दिनों में लगे एआरवी
दिनांक एआरवी संख्या
एक अप्रैल 109
दो अप्रैल 115
तीन अप्रैल 111
चार अप्रैल 107
कुत्ता काटे तो ये बरतें एहतियात
- कुत्ता काटे तो एंटी रेबीज तुरंत लगवाएं।
- कुत्ते के काटने और खरोंच लगने से हुए घाव को अनदेखा न करें।
- कुत्ते के काटने पर घाव पर मिर्च, सरसों का तेल न लगाएं।
- कुत्ता काटे तो घाव को ढके नहीं, टांके भी न लगवाएं।
- बच्चों को जानवरों के संपर्क में आने या साथ रहने से रोकें।
- खतौली में इस तरह किया गया हमला
खतौली। कस्बे में एक अप्रैल को 38, दो अप्रैल को 14, तीन अप्रैल को 138 और चार अप्रैल को 16 मरीज को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए हैं शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जिसके चलते दो अप्रैल को कुल 112 व शुक्रवार चार अप्रैल को 65 इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं।