शुकतीर्थ में मॉक ड्रिल के दौरान नदी में डूबे युवक को बाहर निकालते हुए
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मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में गंगा घाट पर जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मेगा मॉकड्रिल के माध्यम से बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव को लेकर पूर्वाभ्यास कराया गया। संबंधित सरकारी विभागों के समन्वय से बाढ़ में फंसे लोगों और गंगा में डूबते लोगों को बचाने का अभ्यास किया गया। वक्ताओं ने संदेश दिया कि बाढ़ आ जाए तो घबराए नहीं, हिम्मत से ही जिंदगी बचेगी।
नायाब तहसीलदार जसमेंद्र सिंह, मुख्य अग्नि समन अधिकारी, कुमार रमाशंकर तिवारी, एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर प्रदीप गौराव व हरीश थपियाल ने ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदा में बचाव के उपाए बताए। जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी के निर्देशन में गंगा घाट पर बाढ़ में फंसे पीड़ितों की जान बचाने को उनकी सहायता करने का अभ्यास किया गया। जैसे ही गंगा खादर में बाढ़ आने की सूचना मिली तो सभी विभाग सक्रिय हो गए। गोताखोर की एक टीम बोट में सवार हो गई और गंगा में डूब रहे एक व्यक्ति को ट्यूब आदि उपलब्ध कराते हुए बोट में बैठा लिया। बेहोश हुए पीड़ितों को चिकित्सा विभाग की ओर से आपातकालीन चिकित्सा प्रदान की गई। इस दौरान खाद्य आपूर्ति, पशु चिकित्सा, संक्रामक रोगों से बचाव, बारिश व बाढ़ में फंसी महिलाओं व नवजात बच्चों के लिए अलग से आपातकालीन सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश चौहान, सोनू कुमार प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, जानसठ प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अर्जुन सिंह, श्री गंगा सेवा समिति के महकार सिंह, आचार्य प्रेमशंकर मिश्र, आचार्य इंद्रपाल आर्य आदि मौजूद रहे।