घबराए नहीं, शासन- प्रशासन तुम्हारे साथ : सीएम
मुजफ्फरनगर। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भ्रमण कार्यक्रम के तहत सदर ब्लाक के गांव रामपुर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने यहां पर कोविड के नियंत्रण और बचाव के लिए प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम की जानकारी ली। उन्होंने निगरानी समिति से कहा कि वो गांव में लगातार भ्रमण कर हर ग्रामीण का ध्यान रखे। साथ ही ग्रामीणों से भी मास्क पहनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। शासन और प्रशासन विपदा काल में पीड़ित परिवारों के साथ है।
मुख्यमंत्री योगी ने जिला मुख्यालय पर कोरोना महामारी पर नियंत्रण ओर निगरानी के इंतजाम को परखा। सीएम के निरीक्षण के लिए पांच गांवों रामपुर, सिसौना, पचेंडा, मुस्तफाबाद, सिलाजुड्डी को को चिह्नित किया गया था। ऐन वक्त पर सीएम ने रामपुर गांव के निरीक्षण की बात कही। इस पर तमाम अधिकारी रामपुर की ओर कूच कर गए। सीएम योगी का काफिला दिल्ली-दून नेशनल हाईवे से सटे गांव रामपुर में पहुंचा। सीएम योगी ने यहां खुले में ग्रामीणों की बैठक लेकर यहां की साफ सफाई और स्वास्थ्य विभाग की कोविड से बचाव और नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने ग्राम निगरानी समिति में शामिल ग्राम प्रधान मुनेश देवी, ग्राम सचिव अरुण कुमार, लेखपाल राजपाल सिंह, एएनएम हेमलता, आशा पिंकी शर्मा, अध्यापिका रिया से गांव में किए गए घर-घर सर्वे की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वे हो रहा है या नहीं, मरीजों को दवाई की किट मिल रही है या नहीं। ग्राम सचिव अरुण से पूछा कि गांव सैनिटाइज कराया गया या नहीं, जिस पर सचिव ने कहा कि दूसरे दिन लगातार गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है। सीएम ने निगरानी समिति से कहा कि वो घर-घर जाकर लगातार सर्वे करते रहे तथा मरीजों को दवाई की किट दें, हर ग्रामीण का ध्यान रखना निगरानी समिति का कर्तव्य है। ग्रामीणों से कहा कि घबराए नहीं, शासन- प्रशासन तुम्हारे साथ है। इस महामारी को हरा कर रहेेंगे, आप मास्क जरूर लगाए। कोई परेशानी हो तो निगरानी समिति को बता कर दवाई ले। सीएम यहां करीब बीस मिनट रहे।
आशा से पूछा, टेस्टिंग कितने दिन में करती हो
रामपुर। सीएम योगी ने आशा पिंकी शर्मा से पूछा, मरीज मिलने पर टेस्टिंग कितने दिन में करती हो, दवाई की किट कब देते हैं, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्क्रीनिंग करनी आती है या नहीं, जिस पर आशा पिंकी बोली, मरीज के मिलने पर दो दिन बाद टैस्टिंग करते हैं, रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वहीं पर उसे दवा की किट दी जाती है, आशा की थर्मल स्क्रीनिंग करने के तरीके को भी बताया। साथ ही कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करनी आती है।
होम आइसोलेट मरीज का हाल जाना
रामपुर। सीएम योगी ने रामपुर गांव पहुंचने ही सबसे पहले कंटेनमेंट जोन में पहुंच कर कोविड मरीजों का हाल जाना। उन्होंने दूरी बनाए रखते हुए होम आइसोलेट मरीज नीरज से हाल जाना, पूछा-स्वास्थ्य विभाग की टीम हाल जानने आती है, दवाई दी या नहीं, ऑक्सीजन की जांच की जाती है या नहीं, जिस पर नीरज ने कहा कि आशा और एएनएम प्रतिदिन हाल जानने आती हैं। दवा स्वास्थ्य विभाग ने ही दी है।
सीएम ने प्रीति को मदद का दिया आश्वासन
रामपुर। कंटेनमेंट जोन में मरीजों का हाल जानने के दौरान छात्रा प्रीति धीमान सीएम के आगे फफक पड़ी। उसने बताया कि उसके पिता शेखर की तीन मई को कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई। उसने नीट की परीक्षा दी है, अब कैसे गुजारा होगा। इस पर सीएम योगी ने उसे शासन प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। तुरंत ही लेखपाल ने उससे प्रार्थना पत्र भी ले लिया।
गांव में बनवाया जाएगा श्मशान घाट
रामपुर। विधायक प्रमोद उंटवाल ने बताया कि गांव में कोई श्मशान घाट नहीं है। काली नदी किनारे दाह संस्कार किए जाते हैं। अब ग्राम प्रधान मुनेश देवी इसके लिए जमीन देने को तैयार हैं, जिस पर सीएम ने डीएम से गांव में श्मशान घाट का निर्माण करवाने के निर्देश दिए।
गांव से बाहर नहीं निकल सके ग्रामीण
छपार। गांव रामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने की सूचना पर पूरे गांव को प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया। पूरे गांव की नाकेबंदी कर रखी थी। ग्रामीण जंगलों में नहीं जा सके। पशुओं के लिए जंगल से चारा भी नहीं आया। सोमवार को सुबह आठ बजे से ही गांव में जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल व आरएएफ को लगा दिया था। ग्रामीणों को घरों से निकलने नहीं दिया। गांव के राजबीर ने बताया कि वे तीन भाई हैं, तीनों की जमीन सड़क में चली गई। उसका तैंतीस लाख रुपया डेढ़ वर्ष से नहीं मिला। वह एक प्रार्थनापत्र मुख्यमंत्री को देना चाहता था, उससे पहले ही प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह मकान पर आए और यह कहकर प्रार्थनापत्र ले लिया कि वे जिलाधिकारी को देंगे। फोर्स ने ग्रामीणों को उनके नजदीक नहीं पहुंचने दिया।