अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग और लापरवाही के मामले में डीएम उमेश मिश्रा, एसएसपी संजय वर्मा और खालापार थाना प्रभारी महावीर चौहान हाईकोर्ट में पेश हुए। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच में अपना पक्ष रखा। उधर, गैंगस्टर के आरोपी को नियमित जमानत मिल गई है।
खालापार थाने में पुलिस ने 28 मई को सुजडू निवासी इकरार उर्फ कालिया कुरैशी, शादाब उर्फ चिड़ा, मनशाद उर्फ सोना, रिजवान उर्फ रिज्जू और सरवट निवासी विसार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपियों पर गोकशी के प्रकरणों में संलिप्त रहकर अवैध धन अर्जित रखने का आरोप लगाया गया था।
स्थानीय अदालत से तीन आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो गया, जिसके बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए टिप्पणी में लिखा था कि यह कृत्य पुलिस स्टेशन खालापार के एसएचओ की मनमानी को दर्शाता है। डीएम, एसएसपी और खालापुर एसओ को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया था।
हाईकोर्ट में अधिवक्ता सुशील पांडेय ने बचाव पक्ष की तरफ से पैरवी की। उन्होंने बताया कि मनशाद की गैंगस्टर के मामले में नियमित जमानत मंजूर कर ली है।