मुजफ्फरनगर। विभागों में चल रहे गोरखधंधे को छिपाने के लिए अधिकारी सूचना अधिकार के तहत विभागीय जानकारी नहीं दे रहे हैं।
आरटीआई में सूचना मांगते लोग थक जाते हैं, अधिकारी हैं कि उन पर कोई असर हीं नहीं पड़ता है। सूचना आयुक्त ने डीएम निखिलचंद्र शुक्ला सहित 17 अधिकारियों पर 25-25 हजार का दंड लगाया है। जिले के अधिकारियों को दंड स्वरूप चार लाख 25 हजार देने होंगे।
सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने जिले के उन 17 अधिकारियों को दंडित किया है जिन्होंने आरटीआई में तीस दिन के अंदर सूचना नहीं दी। सूचना आयुक्त के आदेश के बाद भी शिकायतकर्ताओं को जानकारी नहीं दी।
सूचना आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए 17 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है। जिन अधिकारियों को दंडित किया गया है उनमें डीएम निखिलचंद्र शुक्ला, वाणिज्य कर, सीएमओ सुबोध कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सब रजिस्ट्रार प्रथम राजेंद्र शर्मा, बीडीओ सदर, ग्राम्य विकास सचिव, जिला पूर्ति अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, तहसीलदार तहसील जानसठ, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण निगम, प्रधानाचार्य जीआईसी, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम, ग्राम पंचायत अधिकारी अहरोड़ा जानसठ, ग्राम पंचायत अधिकारी बहेड़ी बेगमपुर चरथावल, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर संस्थान शामिल हैं।
तीन दिन पहले ही सूचना के अधिकार के अंतर्गत उप निदेेशक कृषि पर 25 हजार का जुर्माना हुुआ। विभाग में करोड़ों का घोटाला भी सामने आया है। आयोग की कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मचा है।