मेरठ की दिव्यांशी का था गठरी में बंधा मिला शव
भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव यूसुफपुर के जंगल में पांच सितंबर को मिले गठरी में बंधे मिले महिला के शव की पहचान दिव्यांशी पुत्री देवदत्त निवासी 260 भोजपुरा थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ के रूप में हुई है। वह चार सितंबर को घर से दवाई लेने के नाम से निकली थी। दिल्ली निवासी देवेंद्र देव मामा के यहां भी वह आया जाया करती थी। दिव्यांशी के परिजनों ने बृहस्पतिवार को भोपा थाने पहुंच कर फोटो और कपड़ों से उसकी पहचान की है।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव यूसुफपुर के जंगल में पांच सितंबर को किसान बबलू के खेत में एक महिला का शव गठरी में बंधा मिला था। पोस्टमार्टम में उसकी गला दबा कर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। तीन दिनों तक मृतका की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने अज्ञात में शव का दाह संस्कार कर दिया था। पुलिस ने महिला की पहचान कराने को मुजफ्फरनगर क्षेत्र सहित निकटवर्ती जिलों में भी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप आदि सार्वजनिक स्थानों पर परचे चस्पा किए गए थे। उसी आधार पर मृतका के परिजन पिता देवदत्त निवासी 260 भोजपुरा थाना ब्रह्मपुरी मेरठ, बहन नेहा, काजल, शिवानी, भाई मंयक, मामा देवेंद्र देव दिल्ली, जीजा राकेश निवासी मेरठ बृहस्पतिवार को भोपा थाना पहुंचे। पुलिस द्वारा दिखाए गए मृतका के कपड़े, जूते, फोटो से शव की पहचान परिजनों ने दिव्यांशी के रूप में की। पिता देवदत्त ने बताया कि वह चार सितंबर को घर पर यह कह कर गई थी कि वह दवाई लेने के लिए जा रही है। उसके बाद वह नहीं लौटी। चार सितंबर को ही अंतिम बार दिव्यांशी की बात बहन काजल से हुई थी। उसके बाद 10 सितंबर तक मोबाइल पर घंटी जाती रही, लेकिन वह रिसीव नहीं हो पाया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा हैं।
परिजनों ने भोपा पुलिस को बताया कि दिव्यांशी की शादी 25 नवंबर 2015 में गुजरात के अहमदाबाद निवासी राकेश के साथ हुई थी। मात्र चार-पांच माह बाद ही पति के साथ मनमुटाव हो जाने के कारण वह पिता के घर मेरठ ही रह रही थी। इसके बाद उसके द्वारा दूसरी शादी की गई, वहां भी बात नहीं बनी तो वह कभी पिता के यहां तो कभी अपने मामा के यहां दिल्ली आती जाती रहती थी। बताया गया है कि उसने दिल्ली में अपना किराए का रूम भी ले रखा था। मृतका ने हाल ही में एलएलबी की पढ़ाई की थी। वह एलएमएल की पढ़ाई के लिए प्रयास कर रही थी जिस संबंध में वह दो सितंबर को अपने पिता से एक लाख रुपये लेकर दिल्ली की थी। परिजनों ने पुलिस से घटना के खुलासे की मांग की। भोपा इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर चुकी है। मृतका की पहचान होने पर पुलिस जल्द घटना का खुलासा करेगी।
परिजनों ने नहीं कराई थी गुमशुदगी दर्ज
भोपा। लगभग 15 दिनों से गायब चल रही 28 वर्षीया दिव्यांशी के परिजनों द्वारा उसको तलाशने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। साथ ही उनके द्वारा संबंधित थाने पर गुमशुदगी भी नहीं दर्ज कराई गई थी। इस पर मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि वह बड़े गुस्से वाली थी। वह अक्सर किसी काम से बाहर चली जाती थी। उन्हें डर था कि कहीं ऐसा ना हो कि वह गुमशुदगी दर्ज करा दें और वह आकर उनसे झगड़ा करें, इसलिए उन्होंने उसके गुम होने के बाद गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी। मृतका की बहन ने बताया कि पिता से उसने एक लाख रुपये लिए थे, मगर अब उसके खाते में मात्र पांच हजार रूपये की रकम हैं।
मोबाइल कॉल डिटेल से करेगी पुलिस खुलासा
भोपा। पुलिस ने मृतका के परिजनों से कई महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर लिए हैं। इनमें मृतका का नंबर भी शामिल हैं। परिजनों से पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि मृतका दिव्यांशी दिल्ली और मेरठ के रहने वाले तीन युवकों के संपर्क में थी। सीओ भोपा राम मोहन शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलु से जांच पड़ताल कर रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।