मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय की बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब होने से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सामान्य सीबीसी, हीमोग्लोबिन और डेंगू-मलेरिया सहित गंभीर बीमारियों की भी जांच नहीं हो पा रही। हालात की गंभीरता समझते हुए भर्ती मरीजों की जांच की सुविधा जिला महिला चिकित्सालय में की गई है। ओपीडी पर पहुंच रहे मरीजों को सामान्य सहित शुगर, कोलेस्ट्रॉल, लिवर फंक्शन और किडनी फंक्शन जैसी जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी लैब की ओर दौड़ना पड़ रहा है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में मरीजों को सुविधा देने के लिए करीब दो वर्ष पहले आधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन स्थापित की गई थी। मशीन स्थापित होने के बाद 100 से अधिक बीमारियों की निशुल्क जांच संभव हो पा रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निशुल्क जांच काफी बड़ा सहारा बनती है लेकिन पिछले चार दिनों से मशीन खराब होने के कारण जांच का संकट गहरा गया।
-सीटी स्कैन हो गया, केएफटी नहीं हो पाया
सरवट चौक निवासी खुर्शीद अनवर ने बताया कि कई दिनों से इन्फेक्शन चल रहा है। किडनी में दर्द भी है। चिकित्सक की ओर से किडनी फंक्शन सहित कई सामान्य जांच भी लिखी गई थीं लेकिन लैब बंद होने के कारण नहीं हो पाईं। हालांकि उसके बाद सीटी स्कैन हो गया है।
-निजी पैथोलॉजी लैब में करानी पड़ेगी जांच
रामपुरी के संजय ने बताया कि कई दिन से बुखार है। सिर में दर्द और उल्टी की शिकायत रहती है। कमरा नंबर एक के चिकित्सक ने जांच लिखी थी लेकिन जिला चिकित्सालय में जांच नहीं हो पाई। अब निजी पैथोलॉजी लैब में ही जांच करानी पड़ेगी।
-जांच के लिए कर लूंगा दो दिन का इंतजार
अय्यूब ने बताया कि वह वर्षों से जिला चिकित्सालय में ही उपचार कराता है लेकिन परामर्श के बाद लिखी गई जांच नहीं हो पा रहीं। इससे समस्या खड़ी हो गई है। एक-दो दिन और इंतजार करूंगा। अन्यथा निजी लैब में ही जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
-अर्थिंग के कारण काम नहीं कर रही मशीन
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन अर्थिंग कर रही हैं। फॉल्ट ढूंढने के लिए विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। फिलहाल जांच नहीं हो पा रही। एक-दो दिन में मशीन की मरम्मत के बाद समस्या का हल हो जाएगा। बावजूद गंभीर मामलों में महिला चिकित्सालय में कुछ जांच कराई जा रही हैं। स्टाफ के लोग उधर भी काम कर रहे हैं।