लोक अदालत में 20 से हजार से अधिक वादों का निस्तारण
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के विभिन्न न्यायालयों में चल रहे 20,827 वादों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिला जज राजीव शर्मा ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल एवं सुलभ न्याय प्रदान करना है।
जिला जज ने कहा कि वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय पंकज अग्रवाल, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह, नोडल अधिकारी लोक अदालत अपर जिला जज शक्ति सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी के किया। सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला न्यायालय मुजफ्फरनगर के 1303 मुकदमे निस्तारित कर 56 लाख 43 हजार 883 रूपए का अर्थदंड वसूल किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में 38 पारिवारिक मुकदमे सभी पारिवारिक न्यायालयों द्वारा निस्तारित किए गए।
पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह द्वारा 186 वादों का निस्तारण कर पांच करोड़ 93 लाख 21 हजार 600 रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाई गई। जिला अधिकारी मुजफ्फरनगर सेल्वा कुमारी जे के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा 18218 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार जाटव द्वारा 398 फौजदारी के मामलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, भारत संचार निगम लिमिटेड आदि के द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई। भारत संचार निगम लिमिटेड के द्वारा 62 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। बैंकों के द्वारा 246 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर कुल तीन करोड़ तीन लाख 79 हजार रुपये आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कराकर प्राप्त किए। राष्ट्रीय लोक अदालत के कुशल समापन पर नोडल अधिकारी शक्ति सिंह, अपर जिला जज द्वारा लोक अदालत में सहभागिता करने वाले सभी न्यायिक, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया। ृ