नियमों के विरुद्ध डीआईओएस के आदेश को लेकर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज प्रबंध समिति ने डीएम के समक्ष मामला रखा है। संगीत प्रवक्ता के प्रकरण में सहारनपुर मंडल की संयुक्त शिक्षा निदेशक के आदेशों की डीआईओएस ने अनदेखी कर दी। कॉलेज संचालन की व्यवस्था भी प्रबंध समिति से छीनकर एकल कर दिए जाने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
शहर के जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में अस्थायी संगीत प्रवक्ता के विनियमितीकरण के मामले को लेकर डीआईओएस और प्रबंध समिति में ठन गई है। डीआईओएस के आदेशों को लेकर शिकायत डीएम राजीव शर्मा के समक्ष रखी गई है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष रविंद्र जैन एवं सचिव मनोज जैन ने बताया कि यह शिक्षण संस्था अल्पसंख्यक है।
प्रवक्ता के विनियमितीकरण की प्रक्रिया को पहले ही सहारनपुर मंडल की तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक मंजू सिंह अपने आदेशों में गैर कानूनी ठहरा चुकी हैं। उनके आदेशों में साफ है कि अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालयों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड की धारा-33 च के तहत विनियमितीकरण किए जाने का अधिकार नहीं है।
समिति ने डीएम को अवगत कराया कि तत्कालीन डीआईओएस वीपी सिंह ने नियमों के खिलाफ समिति पर दबाव बनाकर उक्त प्रवक्ता की नियुक्ति कराई थी, मगर जब उनका वेतन बनाकर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय भेजा गया तो अड़चन आ गई। लेखाधिकारी ने साफ निर्देश किया कि प्रवक्ता विनियमितीकरण की प्रक्रिया लंबित है, ऐसे में यदि उनके विरुद्ध निर्णय पारित हुआ तो वेतन के भुगतान के हेतु कौन उत्तरदायी होगा।
मौजूदा डीआईओएस मुनेश कुमार ने सात मई 2018 के आदेशों में संगीत प्रवक्ता के विनियमितीकरण का दबाव बनाने के लिए प्रबंध समिति से संस्था का संचालन अधिकार छीन लिया। संचालन की एकल व्यवस्था करा दी। डीआईओएस ने गलत तथ्यों के आधार बीते सालों का वेतन जारी करने का भी दबाव बनाया है। डीएम राजीव शर्मा ने समिति के पक्ष को जानने के बाद संगीत प्रवक्ता के विनियमितीकरण की फाइल डीआईओएस से तलब की है।
जेडी के आदेश अभी पढे़ नहीं
मुजफ्फरनगर। डीआईओएस मुनेश कुमार ने बताया कि 2001 में एक अन्य शिक्षिका का विनियमितीकरण हुआ था। जेडी के आदेश अभी मैने पढ़े नहीं हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रबंध समिति को संगीत प्रवक्ता के वेतन और विनियमितीकरण के लिए पत्र भेजा गया है।