शहर के लोकतंत्र सेनानी देवीदयाल उर्फ लल्ला का निधन हो गया। शनिवार सुबह उन्होंने छिंपीवाड़ा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। 93 वर्षीय लल्ला कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। नदी रोड श्मशान घाट पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस लाइन से आई गार्द ने उन्हें सलामी दी।
शहर कोतवाली के मोहल्ला छिंपीवाड़ा मोतीमहल निवासी देवीदयाल लल्ला पुत्र किशनलाल युवावस्था से ही गांधीजी के सत्याग्रह से जुड़ गए थे। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए हुए अनेक आंदोलन में भाग लिया। वे गांधीजी से भी मिले थे, मगर उनका नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में शामिल नहीं हो सका था। इंदिरा गांधी के शासनकाल में वर्ष 1977 में लगाई गई इमरजेंसी के दौरान वे जेल गए थे।
वर्ष 2012 में सूबे में अखिलेश यादव की सरकार बनने पर इमरजेंसी में जेल गए लोगों को लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया गया था, जिनमें देवीदयाल लल्ला को भी यह सम्मान हासिल हुआ। सपा सरकार के कार्यकाल से ही उन्हें भी शासन की ओर से पेंशन मिल रही थी, वो यहां लंबे समय तक नावल्टी सिनेमा के मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे। विद्याभूषण के कार्यकाल में वो नगर पालिका मुजफ्फरनगर के वाइस चेयरमैन भी रहे।
बीते काफी समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था, जिसके चलते शनिवार सुबह उनका देहावसान हो गया। परिजनों ने इस संबंध में डीएम कार्यालय को लिखित में सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उनके घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। शाम को आवास से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया। भारी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
नदी रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। गारद ने उन्हें सलामी दी। सीओ सिटी हरीश भदौरिया, नायब तहसीलदार शिव अवतार, कार्यवाहक शहर कोतवाल समयपाल सिंह अत्री, लेखपाल सतेंद्र कुमार आदि ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनके पुत्र रंजन शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। भाजपा नेता राजीव गर्ग, जितेंद्र जैन, कांग्रेस नेता सतीश गर्ग, दयानंद शर्मा, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे। देवीदयाल अपने पीछे पत्नी कस्तूरी सिंह, बेे रंजन शर्मा, बेटियां छाया बत्रा, भावना रणदेव आशा भारद्वाज का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।