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महिलाएं बोलीं, देश विरोधी है सीएए, वापस ले सरकार

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सहारनपुर: देवबंद में धरना प्रदर्शन में उमड़ी महिलाओं की भीड़ - फोटो : DEVBAND
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महिलाएं बोलीं, देश विरोधी है सीएए, वापस ले सरकार
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देवबंद। सीएए के विरोध में देवबंद के ईदगाह मैदान में महिलाओं का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष नारे लिखी तख्तियां और तिरंगा लेकर ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारों के साथ ईदगाह मैदान पहुंचे। महिलाओं ने कहा कि सीएए जैसा काला कानून देश विरोधी है, सरकार इसे वापस ले।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर ईदगाह मैदान में महिलाएं धरना दे रही हैं। शुक्रवार को हिंदुस्तान जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद और सीएए वापस लो के नारों से ईदगाह मैदान गूंज उठा। बुशरा मरगूब, हुस्ना और युसरा ने कहा कि सीएए सोची समझी साजिश का हिस्सा है। हिंदुस्तान की बेटियां देश के हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के दुश्मनों के मंसूबों को पूरा होने नहीं देंगी। आज इस काले कानून के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सर्वसमाज के लोग शामिल हो रहे हैं। इससे ही सरकार को समझ लेना चाहिए कि देश इसके विरोध में है। शगुफ्ता, अदीबा जमील और जोया ने कहा कि आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र खतरे में हैं। सरकार के इस गलत कदम ने देश के सेक्युलर समाज को एकजुट कर दिया है। काला कानून वापस होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
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पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट
शुक्रवार को जुमा की नमाज के चलते ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में भीड़ पहुंचने की संभावना थी। इसके चलते पुलिस प्रशासन पहले से अलर्ट था। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र देवबंद में कैंप किए रहे। विभिन्न स्थानों पर आरएफ, पीएसी और पुुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी दारूल उलूम समेत अन्य दीनी इदारों के जिम्मेदारों के संपर्क में रहे और मदरसा छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों से दूर रखने की अपील की।
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मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी का अस्थायी कार्यालय खुला
अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले संगठन मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी ने ईदगाह के पास ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल लिया है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और बाबा साहेब की फोटो लगाई
ईदगाह मैदान में लगाए गए टेंट के एक तरफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और दूसरी तरफ संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर की फोटो लगाई गई है।
‘मोदी जी, यो कानून वापस ले लो’
धरने के दौरान खानकाह निवासी 82 वर्षीय दादी अनवरी और 80 वर्षीय दादी अकबरी ने जैसे ही मंच पर माइक संभाला तो ईदगाह मैदान तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि मोदी जी यो कानून वापस ले लो, वरना इस बुढ़ापे में हम कहां जावेंगे।
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