मुजफ्फरनगर। भौराकलां गांव के साधु देवानंद भारती (81) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। साधु ने गांव के जीशान के घर बेटे का जन्म होने की भविष्यवाणी की थी लेकिन एक महीने पहले बेटी का जन्म हुआ। नाराज पिता-पुत्र साधु की हत्या कर अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए उसका फोटो भी घटनास्थल पर डाल दिया। जिस दुकान से फोटो बनवाया गया था, पुलिस वहां तक पहुंची तो वारदात खुलती चली गई।
पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने बताया कि भौराकलां के ही रहने वाले हाशिम और उसके बेटे जीशान को शिकारपुर रोड पर सिसौली मोड चौराहे से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। जीशान की पत्नी गर्भवती थी, इस बीच वह मंदिर में जाकर साधु से मिला। साधु ने दावा किया था कि बेटे का जन्म होगा लेकिन एक महीने पहले उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया।
इसी कारण वह रंजिश रखने लगा था। जीशान का अपने पड़ोसी हरेंद्र के साथ भी झगड़ा चल रहा था। साधु की हत्या कर पिता-पुत्र ने हरेंद्र को फंसाने की योजना बनाई। घटनास्थल पर पुलिस को गुमराह करने के लिए हरेंद्र का फोटो डाल दिया था लेकिन जांच में दोनों पकड़े गए।
सीओ फुगाना नरेंद्र सिंह यादव, एसओ भौराकलां प्रमोद कुमार और एसओ तितावी जयवीर सिंह ने बताया कि यक्ष एप के माध्यम से प्राप्त तकनीकी सहायता एवं सूचनाएं भी महत्वपूर्ण साबित हुई।
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जिस फोटो से रची साजिश, उसी ने किया पर्दाफाश
मुजफ्फरनगर। एसएसपी सूरज राय ने वारदात के खुलासे के लिए तीन टीम बनाई थी। घटनास्थल से पुलिस को पासपोर्ट साइज का एक फोटो मिला। पहचान कराने के लिए पुलिस ने भौराकलां, सिसौली, खरड़, जैतपुर, कुरावा और मुंडभर में पहचान कराने का प्रयास किया। पूरे क्षेत्र के फोटोग्राफरों और दिल्ली से सामान लाने वालों से जानकारी ली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हरेंद्र के मोबाइल स्टेटस से फोटो लेकर गांव की दुकान से ही बनवाया था। पुलिस के लिए यह महत्वपूर्ण सुराग था। पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें शिकारपुर मोड़ से पकड़ लिया गया। ब्यूरो
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ये था मामला
भौराकलां गांव के कुरावा मार्ग स्थित गुंबज शिव मंदिर में 13 अक्तूबर की रात आठ बजे साधु देवानंद भारती (81) की कमरा खुलवाकर सीने में तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बराबर में स्थित आईटीआई में ड्यूटी पर तैनात पीआरडी के जवान मौसम अली ने बाइक पर सवार होकर दो हमलावरों को भागते हुए देखा था। एसएसपी सूरज राय ने खुलासे के लिए तीन टीम गठित की थी।
आरोपी पिता-पुत्र से ये सामान हुआ बरामद
घटना में प्रयुक्त ग्लेमर मोटरसाइकिल
दो तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस
मंदिर में ही दी गई साधु को भू-समाधि
भौराकलां। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद साधु का शव 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखवा लिया था। मध्य प्रदेश पुलिस से भी संपर्क किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को दिल्ली से एक युवक ने पहुंचकर साधु का परिचित बताया लेकिन कुछ देर बाद ही वह गांव से वापस लौट गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस से शव सुपुर्दगी में लेकर मंदिर में ही भू-समाधि दी। इस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे। संवाद
दो साल पहले ही गांव में आकर बसे
दोनों आरोपी सिसौली के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि दो साल पहले ही युसूफ का मकान खरीदकर दोनों भौराकलां में जाकर रहने लगे लेकिन यहां पर पड़ोसी हरेंद्र कश्यप से विवाद हो गया। हत्या करने के बाद दोनों चुपचाप अपने घर आए। इसके बाद दोनों गांव की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रख रहे थे।