मुजफ्फरनगर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि जब मुजफ्फनगर-शामली में नरसंहार हो रहा था, तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ में क्रिकेट मैच खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि जातियों में बंटे तो कमजोर हो जाओगे, एक-एक कर सब मारे जाओगे। ब्राह्मण का कार्य सबको जोड़ना है।
भोपा रोड पर एक बैंक्वेट हॉल में भाजपा प्रत्याशी राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के समर्थन में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अखिलेश की सपा सरकार को जनता की वेदना से कोई मतलब नहीं रहा। उन्होंने कहा कि हम लोगों को जाति में बांटकर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। एक-एक लकड़ी अलग-अलग रहेगी तो टूट जाएगी, लेकिन जब सबको एक साथ एकत्र कर देंगे तो कोई तोड़ नहीं पाएगा।
हमें जाट, गुर्जर, सैनी, ब्राह्मण, बनिया में नहीं बंटना है। हमें राष्ट्र, समाज और धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होना है। गठजोड़ के नाम पर ध्रुवीकरण का जो खेल चल रहा है यह हमारे विकास का सूर्यास्त कर देगा। ब्राह्मण सबको साथ मिलाकर चलता है, कभी किसी का अनादर नहीं करता।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार में प्रदेश में तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है। संस्कृत और संस्कृति के लिए काम हुआ है। अयोध्या और काशी को नया रूप दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सपना देखने की आदत है, उनके सपने में कन्हैया आए हैं। हम कह रहे हैं आप सपना देखों साकार हम करेंगे।
अध्यक्षता एसडी कॉलेज के सचिव अखिलेश दत्त शर्मा और संचालन ब्रह्म प्रकाश शर्मा ने किया। महेश्वरानंद महाराज, पूर्व चेयरमैन सुभाषचंद शर्मा, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, प्रदीप शर्मा, सुरेंद्र देव शर्मा, शरद शर्मा, प्रवीण शर्मा, श्रीभगवान शर्मा, पूर्व विधायक मिथलेश पाल, अमरीश गोयल, सुधीर शर्मा, राकेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
पर्ची लिखकर कोई वसूली तो नहीं करता
दिनेश शर्मा ने कहा कि रात में मेरी इस जिले के उद्यमियों से बात हुई, तो मैंने पूछा अब कोई पर्ची लिखकर वसूली तो नहीं करता। उद्यमियों ने बताया कि जब से योगी की सरकार आई अपराधी गायब हो गए। हमें अब माफिया से मुक्ति मिली है।
सैफई में पैदा होने वाला बच्चे का नाम प्रधान
दिनेश शर्मा ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब सपा सत्ता में थी तो सैफई में परिवार में बच्चा पैदा होता था, तो गांव के लोग कहते थे प्रधान पैदा हुआ। ब्लाक प्रमुख पैदा हुआ, जिला पंचायत सदस्य पैदा हुआ, विधायक, सांसद पैदा हुआ, क्योंकि सब एक ही परिवार के बनते थे।
अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं गए योगी
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की तुलना किसी राजनीतिक व्यक्ति से नहीं कर सकते। जब प्रदेश में कोरोना महामारी फैल रही थी और वे अफसरों की बैठक कर रहे थे तो बीच में एक पर्ची आई और उन्हें बताया कि उनके पिता की मृत्यु हो गई। बैठक समाप्त कर दे। योगी ने पर्ची को माथे से लगाया और विचलित हुए बिना कहा कि पश्चिम के कार्यक्रम तय करो जनता को कोरोना से बचाना हमारी प्राथमिकता है।