घने कोहरे ने मंगलवार को ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। एक दर्जन से अधिक ट्रेनों के पहिये थम गए। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। टिकट खिड़की पर भी सन्नाटा पसरा रहा। नौचंदी, गोल्डन टेंपल मेल, अहमदाबाद मेल के साथ कई पैसेंजर ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से स्टेशन पहुंची, जबकि रोहाना-देवबंद में कार्य के लिए आधा दर्जन ट्रेन निरस्त रही।
मंगलवार को घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो गया। हाईवे पर भी वाहन चालकों को दिक्कत हुई। दिन में डीपर जलाकर चलना पड़ा, जबकि ट्रेनों के संचालन पर कोहरे का विपरीत प्रभाव पड़ा है। दिल्ली-टपरी वाया मेरठ मंडल की रेलवे लाइन पर अप और डाउन में ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ट्रेनें घंटो की देरी से पहुंची।
इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नौचंदी एक्सप्रेस ट्रेन अप और डाउन में घंटों की देरी से पहुंची। अमृतसर-मुंबई सेंट्रल (12904) गोल्डन टेंपल मेल साढ़े तीन घंटे, मेरठ सिटी-अंबाला पैसेंजर (54541) एक घंटा पांच मिनट, अहमदाबाद-हरिद्वार मेल (19031) योगा एक्सप्रेस दो घंटे, शालीमार एक्सप्रेस (14646) दो घंटे 40 मिनट, हजरत निजामुद्दीन पैसेंजर (54539) तीन घंटे 10 मिनट विलंब से पहुंची।
देहरादून-उज्जैन एक्सप्रेस एक घंटा, मुंबई बांद्रा-देहरादून एक्सप्रेस (19019) दो घंटे 30 मिनट, नई दिल्ली-देहरादून (12017) शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे 50 मिनट की देरी से स्टेशन पहुंची। उधर, आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें मंगलवार को रद्द रही. जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टेशन की टिकट खिड़की पर सन्नाटा पसरा रहा। दूर-दराज का सफर करने वाले यात्रियों को घंटों तक स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
घने कोहरे के कारण जनजीवन हुआ प्रभावित
मोरना। घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कोहरे के चलते सूर्य देवता के दर्शन न होने से ग्रामीणों को दिन में रात जैसा एहसास हो रहा है। सोमवार व मंगलवार की सुबह शाम घने कोहरे के चलते दृश्यता बेहद कम हो गई तथा वाहनों का मार्गों पर चलना दूभर हो गया। धीमे चल रहे वाहनों के कारण आम आदमी की रोजाना की जिंदगी भी ठहर गई है।
स्कूली बच्चे सवेरे घने कोहरे के बीच स्कूल जा रहे हैं तथा मुख्य मार्गों पर स्कूली बच्चों की जान को घने कोहरे के चलते खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं, भैंसा बुग्गी द्वारा मिल में गन्ना ले जा रहे किसान भी ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोहरे के चलते प्रशासन से निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मांग की है, जिससे गलियों व मकानों में लगातार प्रकाश बना रहे तथा चोरी आदि की घटनाएं न हो।