मुजफ्फरनगर। अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक आचार्यों ने राजकीय सेवकों की तर्ज पर वेतन संरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की गुहार लगाई है। चौधरी छोटूराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक आचार्य ईश्वर दयाल शर्मा के नेतृत्व में यह मांग उठाई गई।
शिक्षकों ने पत्र में बताया कि राजकीय सेवा में एक पद से दूसरे उच्च पद पर नियुक्ति होने पर कर्मचारियों को वेतन संरक्षण का लाभ मिलता है। इसके लिए अलग-अलग समय पर कई शासनादेश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदानित इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद से अनुदानित डिग्री कॉलेज में सहायक आचार्य बनने पर यह लाभ नहीं मिल पाता। उच्च शिक्षा निदेशक 26 दिसंबर 1988 के शासनादेश का हवाला देते हैं। यह आदेश केवल समान वेतनमान पर एक अशासकीय महाविद्यालय से दूसरे में जाने वाले शिक्षकों के लिए है। उच्च पद पर नियुक्ति के लिए कोई नया या विस्तृत शासनादेश जारी नहीं हुआ है। प्रदेश भर में सैकड़ों शिक्षक मुख्यमंत्री के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
राजकीय कर्मचारियों को उच्च पद पर पदोन्नति पर वेतन संरक्षण का लाभ मिलता है। अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। वे चाहते हैं कि उन्हें भी उच्च पद पर नियुक्ति के समय वेतन संरक्षण का लाभ दिया जाए। वर्तमान शासनादेश इस स्थिति को कवर नहीं करता है। शिक्षकों ने इस विसंगति को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है। इस मांग में अरविंद सिंह, भारत भूषण, प्रदीप कुमार, राजपाल सिंह और सचिन कुमार भी शामिल हैं।