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दिल्ली हिंसा के जख्म वर्षो तक भरने वाले नहीं : गीता

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सीएए के समर्थन में भजन कीर्तन करती महिलाएं - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में शिक्षक नगर में चल रहे भजन कीर्तन कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि सीएए व एनआरसी को लेकर दिल्ली में फैली हिंसा भले ही शांत हो गई, मगर उसके जख्म वर्षों तक भरने वाले नहीं हैं।
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सांस्कृतिक एवं सामाजिक महिला संगठन प्रेरणा के तत्वावधान में भजन कीर्तन में 23वें दिन गीता गर्ग और सुमेधा शर्मा ने कहा हिंसा के बाद दिल्ली में जनजीवन अब पटरी पर लौट रहा है, मगर इतना कुछ होने के बाद भी लाशों पर राजनीति करने वाले कुछ नेता बाज नहीं आ रहे हैं। देश की राजधानी को जिन लोगों ने कलंकित किया है, उनसे पुलिस निपट रही है, मगर लोगों को भड़काकर दंगा कराने वाले अब संजीदगी से बेपरवाह होकर पुलिस कार्रवाई में किंतु परंतु ढूंढकर पुलिस और सत्तापक्ष पर आरोप लगाकर वोट बैंक के लालच में माहौल बिगाडने में लगे हैं।
शुभलेश शर्मा, संतोष काम्बोज, लक्ष्मी गुप्ता व ललिता प्रजापति ने कहा कि धर्म निरपेक्ष देश सब सुविधाओं का उपभोग करने वाले लोग सरकार पर भिन्न-भिन्न आरोप लगा रहे हैं। जबकि तथाकथित धर्म निरपेक्ष राजनीतिक दल आंख मूंदकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यही दिल्ली हिंसा का सच है। इसमें मनोरमा ठाकुर, डोली गोयल, उर्मिला ठाकुर, रीना त्यागी, रेखा त्यागी, रुचि सैनी, नीलम गर्ग, शीला सैनी, पिंकी त्यागी, प्रतिभा, पुष्पा गुप्ता, पवन गोसाई, सीमा धीमान, मीना तोमर, शशी ठकराल, दयावती शर्मा, विचित्रा राणा, संतोष गर्ग, चमन देई, पूजा राणा आदि रहे।
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