17 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का लिया निर्णय
शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत में केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। साथ ही 17 दिसंबर को किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में कूच करने का निर्णय लिया गया। किसानों से मतभेद भुला कर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया गया।
सोमवार को गांव सोरम में चौपाल पर हुई सर्वखाप पंचायत में किसान आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया गया। केंद्र सरकार के किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की गई। पंचायत में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई अधिक खाप चौधरियों ने भाग लिया। पंचायत में खाप चौधरियों ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। साथ ही किसान आंदोलन को धार देने के लिए 17 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया गया।
पंचायत में बालियान खाप के मुखिया और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। सरकार तीनों कानूनों किसान हित में बताकर किसानों के साथ छलावा कर रही है। किसानों की फसलों पर सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के चलते सरकार दबाव में है। सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसान ढीले पड़ गए तो सरकार किसानों पर और शिकंजा कसेगी। किसानों को संघर्ष करने के लिए आंदोलन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना पड़ेगा। यह समय किसानों के संघर्ष के साथ किसानों की परीक्षा का है। सभी किसान मतभेद भुलाने के साथ संगठित होकर 17 दिसंबर को किसान आंदोलन में भाग लें।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए सर्वखाप मंत्री चौधरी सुभाष बालियान ने कहा कि तीनों कानून किसान विरोधी है। तीनों कानूनों को वापस कराने के लिए किसानों को एकजुट होकर सैलाब के रूप में दिल्ली रवाना होना होगा। निर्वाल खाप के चौधरी राजबीर सिंह ने कहा कि सोरम की चौपाल एतिहासिक है। इस चौपाल से देश व समाजहित के लिए जो निर्णय लिए गए वह सभी सफल हुए हैं। सोरम की चौपाल विजय की प्रतीक है। किसान बचेगा तभी देश बचेगा। तीनों काले कानूनों को खत्म करने के लिए सभी खापों को एकत्र होकर आंदोलनरत किसानों का समर्थन कर उनके पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
हुड्डा खाप के चौधरी जितेंद्र सिंह ने कहा कि सभी किसानों को मजबूती दिखानी चाहिए। प्रदेश के किसान भी दिल्ली जाकर अपनी ताकत दिखाकर तीनों कृषि कानूनों का विरोध करे। बत्तीसा खाप के चौधरी अजय कुमार ने कहा कि देश में सभी की आमदनी बढ़ी है, किंतु किसान जस का तस है। कुंडू खाप के चौधरी उपेंद्र सिंह ने कहा कि देश की जनता को एकजुट होकर तीनों काले कानूनों का विरोध करना चाहिए। अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को तीनों कानून वापस लेने के लिए मौका मिल रहा है। सरकार वार्ता कर किसान विरोधी कानून वापस ले। उन्होंने कहा कि सर्वखाप ने देश व समाज के लिए जब-जब निर्णय लिए वह सफल हुए है। सर्वखाप पंचायत का संचालन ओमपाल सिंह ने किया।
इन खापों के चौधरी हुए शामिल
शाहपुर। गांव सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत में बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत , निर्वाल खाप के चौधरी राजवीर सिंह , बत्तीसा खाप के चौधरी अजय कुमार , हुड्डा खाप के चौधरी जितेंद्र सिंह, बेनीवाल खाप के चौधरी अमित बेनीवाल, कुण्डू खाप के चौधरी उपेंद्र सिंह , देशवाल खाप के चौधरी शरणवीर सिंह, अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र सिंह , लाटियान खाप के चौधरी वीरेंद्र सिंह, चौहान खाप के चौधरी विवेक चौहान, तालियान खाप के चौधरी सुधीर तालियान, बुड़ियान खाप के चौधरी जसवीर सिंह के अलावा गठवाला खाप के चौधरी के प्रतिनिधि जसवीर सिंह फौजी आदि मौजूद रहे।