मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली में गवाहों को दोबारा बुलाने के प्रार्थना पत्र पर फैसला नहीं हो सका। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तिथि निर्धारित कर दी। एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे।
इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली। आरोप है कि महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिसकी सुनवाई चल रही है। सीबीआई की ओर से दो महिला गवाहों को दोबारा बुलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। बृहस्पतिवार को उक्त मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।