मुजफ्फरनगर। दिल्ली में पेट्रोल बम के साथ पकड़े गए खतौली के गांव अंती निवासी दानिश उर्फ चांद मियां और सलमान को दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी से वीडियो कॉल पर बात करते समय पकड़ा था। वहीं, खतौली क्षेत्र में उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए खुफिया विभाग की टीम दूसरे दिन भी गांव में डेरा डाले रही।
बताते हैं कि दिल्ली में पकड़े गए दोनों युवक न तो ज्यादा शिक्षित हैं और न ही गांव में विवादित रहे हैं। ऐसे में वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी व उसके साथियों के संपर्क में आ गए। फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। परिजन भी अपने बेटों को बेगुनाह बता रहे हैं। कहते हैं कि उनके बेटे तो दिल्ली में ठेकेदार से अपने रुपये लेने गए थे।
अब खुफिया विभाग टीम ने यह पता करने का प्रयास शुरू किया है कि खतौली क्षेत्र में रहने वाला अन्य कोई व्यक्ति तो आतंकियों का साथी तो नहीं। खुफिया विभाग टीम ने दोनों युवकों के संगी साथियों, भाइयों के बारे में भी जानकारी करना शुरू किया है। दूसरे दिन भी टीम गांव में डेरा डाले रही। सूत्रों ने बताया कि दोनों युवक आतंकी से वीडियो कॉल करते समय पकड़े गए थे।
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ये था मामला
खतौली के गांव अंती के निवासी दानिश उर्फ चांद मियां और सलमान को दिल्ली की विशेष सेल ने विजय घाट से घातक हथियार और पेट्रोल बम बरामद कर गिरफ्तार किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों युवकों के परिजनों को इसकी जानकारी दी थी। परिजन दोनों से दिल्ली जाकर मिले भी थे। इस सूचना से पूरे क्षेत्र में हलचल हो गई थी। सभी के सामने बड़ा सवाल था कि मध्यम वर्गीय यह दोनों युवक आतंकियों के संपर्क में कैसे आ गए। आरोप है कि दोनों युवक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी के मॉड्यूल को चलाने वाले राणा हुनैन के संपर्क में थे।
वर्जन-
इस बारे में खुफिया विभाग टीम जांच-पड़ताल करने में लगी हुई है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। - रुपाली रॉय, सीओ खतौली