मुजफ्फरनगर : सिलिंडर फटने की घटना के बाद मृतक युवक के परिजन विलाप करते।
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मुजफ्फरनगर। शहर के शामली रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ डल्लू देवता पर हुआ हादसा जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी। गुब्बारों में गैस भरने वाले सिलिंडर के फटने से हुए तेज धमाके से चारों तरफ धुएं और धूल का गुबार फैल गया। जिसके छंटने के बाद हर तरफ खून ही खून बिखरा देख लोग सहम उठे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लकड़संधा निवासी आशु डल्लू देवता पर हर रविवार को गुब्बारों में गैस भरकर उन्हें बेचता था। सुबह भी करीब आठ बजे अचानक सिलिंडर फट गया। घटना के बाद हर ओर खून ही खून बिखरा हुआ था, जिसे देख वहां प्रसाद चढ़ाने व देवता पूजन करने पहुंचे लोग सहम उठे। कुछ लोग हिम्मत कर आगे बढ़े और घायलों के लहूलुहान पैरों पर कपड़े आदि बांधकर खून बहने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें वाहनों से रेफर किया गया।
गनीमत रही नहीं थी बहुत अधिक भीड़
मुजफ्फरनगर। प्राचीन सिद्धपीठ डल्लू देवता नागदेवता मंदिर के रूप में जिले भर में विख्यात है। जहां हर रविवार नागदेवता को दूध व प्रसाद चढ़ाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। हर रविवार सिद्धपीठ पर भारी भीड़ रहती है। रविवार को होली होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या रोजाना के मुकाबले कम थी और जो श्रद्धालु थे भी, वे या तो मंदिर के अंदर थे या फिर देवता पूजन में लगे हुए थे। इसके चलते जिस समय सिलिंडर फटा, उसके आसपास केवल कुछ लोग ही मौजूद थे, जिनमें से छह हादसे का शिकार हुए। सिद्धपीठ पर रहने वाले लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा अन्य किसी रविवार को हुआ होता तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।