गंगा घाट के मार्ग पर बारिश से भरे पानी के बीच बाईक से गुजरते श्रद्धालु।
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मीरापुर/रामराज (मुजफ्फरनगर)। लगातार दूसरे दिन गंगा में पानी पूरे उफान पर रहा। हरिद्वार डैम से रविवार को 1.92 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया, जिससे बैराज पर जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर 200.40 मीटर पर जा पहुंचा। लगातार पानी बढ़ने से खादर क्षेत्र के गांव रहड़वा में तटबंध को नुकसान हुआ, जिससे पानी खेतों के साथ ही ेगांव जीवनपुरी तक जा पहुंचा। अफसर लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, बाढ़ चौकियों को भी लगातार अलर्ट पर रखा गया है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार वर्षा के कारण दूसरे दिन भी गंगा का पानी पूरे उफान पर रहा। रविवार को हरिद्वार स्थित डैम से गंगा में 1.92 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे गंगा बैराज पर गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर 220.40 मीटर तक जा पहुंचा है। यह जलस्तर शनिवार को 220.10 मीटर तक था, जिसमें .30 मीटर का इजाफा दर्ज किया गया। बैराज पर बने दबाव के चलते यहां से भी लगातार पानी आगे रिलीज किया जा रहा है।
गंगा बैराज के जेई पीयूष कुमार ने बताया कि अब तक गंगा बैराज से 3.86 लाख क्यूसेक पानी आगे रिलीज किया जा चुका है। वहीं, गंगा में लगातार उफान से रामराज के खादर क्षेत्र में बाढ़ के से हालात उत्पन्न हो गए हैं। पानी के दबाव के चलते गांव रहड़वा में शनिवार रात सिंचाई विभाग का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते पानी खेतों के साथ ही क्षेत्र के गांव रहड़वा, लालपुर, रामपुर ठकरा समेत कई गांवों तक जा पहुंचा है। इनमें से गांव जीवनपुरी में तो गंगा का पानी घुसने से सभी रास्ते जलमग्न हो गए हैं। वहीं, खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गईं हैं।
रहड़वा तटबंध क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर रविवार तड़के ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर जा पहुंचे और जेसीबी की मदद से तटबंध को दुरुस्त कराया। रविवार दोपहर तक तटबंध को दुरुस्त कर यहां से रिलीज हो रहे पानी को रोका जा सका। एडीएम वित्त आलोक कुमार व एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार ने भी टीम के साथ गांव रहड़वा तटबंध पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोनों अफसरों ने इसके बाद गंगा बैराज से लालपुर रहड़वा तक पैदल निरीक्षण करते हुए कई स्थानों पर मिट्टी का कटान होते देख सिंचाई विभाग कर्मचारियों को बुलाकर तत्काल इसकी मरम्मत भी कराई। क्षेत्र की तीनों बाढ़ चौकियों को भी लगातार अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार शाम तक गंगा का जलस्तर घटने की संभावना है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगातार उनका निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी मिट्टी का कटान होने की सूचना मिलती है, उसे तत्काल ठीक कराया जा रहा है। - आलोक कुमार, एडीएम वित्त