देवबंद। साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था चेतना के तत्वावधान में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की जमकर वाहवाही बटोरी।
शिवचौक स्थित संगठन कार्यालय पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विजय बजाज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। मीरा चौरसिया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। काव्य संध्या में डॉ. दिवाकर गर्ग ने अपनी पंक्तियां यूं पढ़ी श्रवण और राम के इस चमन में फूल ढलने लगे हैं, चरणों में जिनके सिर था झुकाना हाथ उन पर उठाने लगे हैं। कुणाल धीमान ने कहा कतरा-कतरा जोड़े मां पत्थर रोज निचोड़े मां, बच्चों के सपनों की खातिर अपने सपने तोड़े मां। मीरा चौरसिया ने सुनाया धन्य-धन्य रश्मि धन्य आप की शान, उच्च शिखर पर पहुंचा दिया साहित्य जगत में नाम। प्रांशु जैन ने सुनाया मैं मील का पत्थर बना मंजिल कभी न बना सका, जश्न-ए-सफर उसका बना पर जिंदगी न बन सका। बलराज मलिक ने कहा मुझको सता रही है तेरी याद आज कल, कुछ पल में ही सनम तुम कितना बदल गए। संगठन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता उत्तर प्रदेश जन कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह व संचालन हाजी मो. हनीफ ने किया। इस मौके पर गौरव विवेक, सोनिया, अजय जाटव, वाजिद अली, विशु धीमान, तुषार शर्मा, शिवम कुमार व आदेश चौहान आदि रहे।