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बेटियों की परवरिश व भरण पोषण का संकट पनपा

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बेटियों की परवरिश व भरण पोषण का संकट पनपा
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देवबंद (सहारनपुर)। कोरोना महामारी में गांव खेड़ी आसा निवासी राजीव त्यागी (48) की मौत के बाद उसकी दोनों बेटियों प्रियदर्शी (21) और लक्ष्यदर्शी (15) की परवरिश और परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि इस परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है।
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देवबंद के शिक्षक नगर में रह रहा राजीव त्यागी का परिवार गांव खेड़ी आसा निवासी है। राजीव त्यागी नगर स्थित मंडी में फलों का काम करते थे। पत्नी पूनम त्यागी ने बताया कि पति राजीव त्यागी को दो मई को बुखार आया था। बुखार नहीं उतरने पर पांच मई को सीएचसी में कोरोना टेस्ट कराया। लेकिन उसकी एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आई। बावजूद इसके उनकी हालत बिगड़ती चली गई। जिसके बाद उनका एक्स-रे कराया। जिसमें कोरोना संक्रमण मिला। इसके बाद फिर से उन्हें सीएचसी लाया गया। जहां से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। छह मई को उन्हें पिलखनी स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया दिया गया। जहां सात मई की सुबह उनकी मौत हो गई। पूनम त्यागी ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी प्रियदर्शी रुड़की से बी-फार्मा कर रही है। जबकि छोटी बेटी लक्ष्यदर्शी नगर के ही एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ रही है। अब बेटियों की आगे की पढ़ाई और परिवार का भरण पोषण कैसे होगा यह कहते हुए पूनम के आंसू नहीं थम रहे।
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