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दबंगों के कब्जे में भाई, आहत बहन ने फांसी लगाई   

Fri, 17 Feb 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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बेटी का शव गोदी में रखकर विलाप करती मां। - फोटो : अमर उजाला
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दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई नहीं होने पर आहत बहन ने जान दे दी। दो दिन पहले मृतका की मां ने एसएसपी को दी गई तहरीर में पति और बेटे को अगवा करने का आरोप लगाया था। पुलिस में मामला पहुंचते ही मृतका के पिता को रिहा कर दिया गया, लेकिन भाई के नहीं आने से व्यथित बहन ने पंखे मेें फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।  
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नईमंडी कोतवाली के मोहल्ला अंकित विहार में रह रहे शामली के मूल निवासी देव प्रकाश धीमान की बेटी महिमा (19) ने बृहस्पतिवार दोपहर घर में पंखे से लटककर जान दे दी। मृतका ने ऊपरी मंजिल के कमरे में दीवार पर लिखा कि मेरे भाई अक्षय को वापस लाकर दो। वारदात की तहकीकात की गई तो लेनदेन को लेकर कई दिन से पिता और भाई को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया। दहशत से घिरे पीड़ित परिवार ने अफसरों से पिता-पुत्र को बरामद कराने की गुहार लगाई थी।

14 फरवरी को महिमा की मां संजो देवी ने एसएसपी बबलू कुमार को तहरीर दी थी। पीड़िता का आरोप था कि उसका पति देव प्रकाश और बेटा अक्षय कुमार जिला ललितपुर की माता टिल्ला डैम ताल बेहर पर प्राइवेट कंपनी की ठेकेदारी में नौकरी करते हैं। चार फरवरी को पति डैम से मछली से भरे ट्रक के साथ लखनऊ मंडी में बिक्री के लिए आया था। सात फरवरी की शाम वह तीन लाख रुपये का भुगतान लेकर बस अड्डे की ओर निकल गया, लेकिन ललितपुर नहीं पहुंचा। कंपनी के पार्टनर विनोद ने लखनऊ एसएसपी मंजिल सैनी को लापता हुए कर्मचारी देव प्रकाश और कैश बरामद कराने की मांग की थी।
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मामला पुलिस में पहुंचते ही दबंगों ने पति को रिहा कर दिया। बुधवार रात नई मंडी थाने पर पीड़िता अपनी बेटी और पति के साथ आरोपियों की मौजूदगी में बेटे की रिहाई के लिए गिड़गिड़ाती रही। पुलिस ने वारदात का घटनास्थल लखनऊ बताकर पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले से आहत अक्षय की छोटी बहन महिमा ने बृहस्पतिवार दोपहर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर के तीनों थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।
   
इससे पहले मंगलवार को संजो देवी ने एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए बयान में आरोप लगाया था कि उसका पति और बेटा केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की कंपनी के साझीदार के ही कब्जे में हैं। उन्हें छोड़ने के लिए साढ़े चार लाख रुपये का इंतजाम करने की बात कही जा रही है। संजो ने एसएसपी को दी गई तहरीर में भी इस बात का जिक्र किया था। इसी बीच संजो का पति को रिहा कर दिया गया और उसने थाने जाकर इस तहरीर को वापस ले लिया।

संजीव बालियान के निजी सचिव नवीन चौधरी का कहना है कि मंत्री का आरोपियों से कोई संबंध नहीं है और न ही मंत्री के कोई ठेके हैं। कागजों में केंद्रीय मंत्री का इस कंपनी से कोई सीधा संबंध नही मिला है। घटना के बाद भी परिवार की ओर से अभी इस मामले मेें कोई तहरीर नहीं दी गई है। एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है महिमा के पिता देव प्रकाश ने लिखित में कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। उसका कहना है कि उसका बेटा खुद ही कहीं गया हैै, आ जाएगा।   
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