मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली के चिरागिया मदरसे के पास नौ जून को रेहड़े में रखे मिले शव की शिनाख्त सुजडू के इरफान के रूप में हुई। पुलिस ने इरफान की हत्या का खुलासा कर दिया है। हत्यारोपी की पत्नी से मिलने-जुलने और पुलिस की मुखबिरी के शक में आरोपियों ने इसकी हत्या की थी। हत्या में शामिल
दोनों आरोपी पहले से ही सिविल लाइन थाने से बाइक चोरी के मामले मेें जेल जा चुके हैं।
गत नौ जून को शहर कोतवाली पुलिस को अंबा विहार के पास चिरागिया मदरसे के पास रेहड़े में कपड़े में लिपटा एक शव मिला था। काफी कोशिशों के बावजूद पुलिस उसकी शिनाख्त नहीं कर पाई थी। रेहडे़ के फ्रेम पर गुदे नंबर से पुलिस एक दुकान पर पहुंची। दुकानदार ने बताया कि सुजडू के अहसान के पास यह रेहड़ा होना चाहिए। अहसान ने बताया कि रेहड़े को गांव का ही इतंजार चलाता था।
घटना का खुलासा करने वाले एसएसआई प्रवीण कुमार ने बताया कि इंतजार अपने साथी बिहार निवासी पिंटू के साथ बाइक चोरी भी करता है। मृतक इरफान का इंतजार के यहां आना-जाना था और वह उसकी घरवाली से भी मिलता था। इस बात का इंतजार को पता चला तो उसने विरोध प्रकट किया। मृतक इरफान शराब पीने का आदी था। इंतजार और उसके साथी पिंटू को पुलिस से पकड़वाने की धमकी देता रहता था।
इसी बात से नाराज होकर दोनों आरोपियों ने आठ जून को पिंटू के कमरे पर शराब पिलाने के बहाने बुलाकर इरफान की हत्या कर दी। अगले दिन रेहड़े में शव को रखकर दोनों चिरागिया मदरसे के पास उसे छोड़कर भाग गए। बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों आरोपी बाइक चोरी के मामले में सिविल लाइन थाने से गत सात जुलाई और 28 जुलाई को बाइक चोरी में जेल जा चुके हैं। मृतक की पहचान उसके भाई इकबाल ने की थी।