बिजनौर में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मराज मिश्रा ने सलमा हत्याकांड में आरोपी इरशाद को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार थाना मंडावली के गांव औरंगपुर भिक्कू निवासी असगर की बहन सलमा का निकाह भागूवाला निवासी गफ्फार के साथ हुई थी। गफ्फार से उसके एक लड़का व एक लड़की पैदा हुए। निकाह के बाद से ही ससुरालवाले सलमा को दहेेज के लिए प्रताड़ित करते थे। गफ्फार ने सलमा को तलाक भी दे दिया था। तलाक के बाद सलमा इद्दत में रही और उसका निकाह दिलशाद से हुआ। दिलशाद से तलाक के बाद उसका फिर से गफ्फार से निकाह हुआ। पांच मार्च 2011 को सलमा की हत्या कर दी गई। इस मामले में पति गफ्फार, देवर दिलशाद, ससुर बुंदू, बहनोई कफील व सास के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना में पुलिस ने नामजद आरोपियों को निर्दोष पाया था और मृतका का देवर इरशाद सलमा की गफ्फार से दोबारा निकाह से नाराज था और उसने सलमा की हत्या की थी। पुलिस ने इरशाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। अदालत ने इरशाद को सलमा की हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।