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विशाल की परीक्षा देने के मामले की जांच करेगी टीम

Fri, 20 Apr 2018 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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जम्मू रेप केस - फोटो : amar ujala
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सीसीएसयू ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ कांड के आरोपी छात्र विशाल जंगोत्रा के परीक्षा देने के मामले में उठे सवाल की जांच कराने के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीसीएसयू टीम अपनी जांच रिपोर्ट में यह साबित करेगी कि विशाल ही परीक्षा देेने वाला था या उसने किसी डमी छात्र से अपनी परीक्षाएं दिलवा दी। पांच सदस्यीय टीम कभी भी खतौली और मीरापुर कालेजों में पहुंचकर जांच प्रारंभ कर सकती है। दोनों कॉलेज भी जांच टीम का सामना करने के लिए पूरी तैयारी प्रारंभ कर दी है। 
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आरोपी विशाल की बीएससी (एजी) प्रथम वर्ष की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब नहीं होगा, क्योंकि जम्मू की एसआईटी उत्तर पुस्तिकाओं को सील करके अपने साथ ले गई। हालांकि मेरठ यूनिवर्सिटी ने उत्तर पुस्तिकाओं को एसआईटी को सौंपने से पहले अपने यहां रिकॉर्ड रखने के लिए उनकी फोटो कापी जरूर कराई होगी।

फोटो कापी से मूल्यांकन करना संभव नहीं है। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में आरोपी विशाल को परीक्षाओं के दौरान वारदात में शामिल होना माना है। विशाल द्वारा एडमिट कार्ड पर डमी छात्र का फोटो लगाकर खतौली के केके जैन डिग्री कालेज में परीक्षा दिलवाए जाने के मामले को लेकर यूनिवर्सिटी पर सवाल खड़े होने लगे थे।
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इसलिए कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा को जांच पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन करना पड़ा। टीम मेरठ यूनिवर्सिटी की साख बचाने के लिए अपनी रिपोर्ट में यह साबित करेगी कि माह जनवरी में खतौली के केके जैन डिग्री कालेज में परीक्षा देने वाला छात्र विशाल जंगोत्रा ही था या उसने अपनी जगह दूसरे छात्र से अपनी परीक्षाएं दिलवा दी। जांच टीम के आने की खबर पर खतौली और मीरापुर कालेज के प्राचार्य ने तैयारी प्रारंभ कर ली है। 

रिकॉडिंग साक्ष्य के तौर पर कालेज के भी पास 
केके जैन डिग्री कालेज के पास साक्ष्य के तौर पर परीक्षाओं के दिनों की सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर की रिकॉडिंग मौजूद है। कठुआ कांड में आरोपी विशाल के 16 जनवरी को मीरापुर से गिरफ्तार किए जाने से यूनिविर्सिटी में हड़कंप मच गया था। इसलिए कालेज स्टॉफ ने आनन फानन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बुलवाकर डीबीआर में से रिकॉडिंग को पेन ड्राइव में कॉपी कराकर सबूत के तौर पर अपने पास रख ली थी। हालांकि कॉलेज स्टॉफ का यही कहना है कि डीबीआर को एसआईटी सील कर जम्मू ले गई। 
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