फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेडियो मैकेनिक से चिप मास्टर बन बैठा जौहर    

Sat, 06 May 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
पल्सर कार्ड - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। देशभर के पेट्रोल पंपों पर पल्सर कार्ड में चिप लगाकर घटतौली कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड जौहर अब्बास पहले एक मामूली रेडियो मैकेनिक था। किदवईनगर में उसकी रेडियो और टेलीविजन की मरम्मत करने की दुकान है। एक दिन मेरठ का युवक उसके पास पहुंचा और चिप में कुछ टांके लगाने के लिए कहा। युवक से मेलजोल कर उसने तेल के खेल को समझ लिया। इसके बाद वह चिप तैयार करना सीख गया।
विज्ञापन


मोहल्ला किदवईनगर निवासी जौहर अब्बास केवल इंटर तक पढ़ा है। कोई अच्छा रोजगार नहीं मिलने पर वह रेडियो, टीवी ठीक करने लगा। किदवईनगर में दुकान खोल ली। करीब ढाई साल पहले मेरठ का पप्पू नामक युवक उसके पास पेट्रोल पंप मशीन का पल्सर कार्ड लेकर आया था। उसने जौहर अब्बास से कार्ड में एक चिप सोल्डर करवाई थी। पप्पू से दोस्ती होने के बाद जौहर ने यह तेल का खेल समझ लिया और वह पल्सर कार्ड की डिवाइस बनाने लगा, जिससे पंप से घटतौली होती है। इसके बाद पेट्रोल पंप मशीन की कंपनियों के मेंटीनेंस इंजीनियरों ने उससे संपर्क करना शुरू कर दिया और जौहर इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड बन गया। वह एक चिप लगाने के 30 हजार रुपये तक लेता था। इस धंधे में अच्छी कमाई होने पर उसने रेडियो और टीवी ठीक करना बंद कर दिया तथा घर पर ही पल्सर कार्ड के चिप बनाने और उन्हें फिट करने में लग गया।       

पूरे देश में फैला है गिरोह का जाल      
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पेट्रोल पंप में घटतौली करवाने वाले इस गिरोह का जाल पूरे देश में फैला है। जौहर अब्बास के लैपटॉप को सर्च करने पर करीब 150 पेट्रोल पंपों के स्वामियों के नामों का पता चला है, जिन्हें जौहर ने कोरियर के जरिए चिप लगा कर पल्सर कार्ड भेजे है। इनमें मेरठ, सहारनपुर, लखनऊ, आगरा, हापुड़, मुरादाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, बरेली, मुंबई, पुणे, बंगलूरू, चेन्नई आदि शहरों के पेट्रोल पंप शामिल हैं।   
विज्ञापन

एसटीएफ की मदद ली जाएगी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने बताया कि जौहर के पास से करीब 220 लोगों के नाम और पतों की जानकारी हुई है, जिनमें से करीब 150 को उसने कोरियर से चिप भेजी थी। जिन्हें चिप भेजी गई थी तथा जो जौहर के संपर्क थे, उन सभी लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। उनके पेट्रोल पंपों की जांच करवाई जाएगी, इस कार्य के लिए एसटीएफ की मदद ली जाएगी। संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी को भी इस संबंध में पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गिरोह में शामिल सभी लोगों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।      

कोरियर और रोडवेज बसों से जाती थी चिप      
जौहर अब्बास कोरियर और रोडवेज बसों से संबंधित लोगों को पल्सर कार्ड में चिप लगा कर भेजता था। चिप लगवाने वाले जौहर अब्बास से संपर्क कर कोरियर से पल्सर कार्ड भेजते थे और वह चिप लगाने के बाद कोरियर से ही कार्ड को वापस भेज देता था। उसके काम की रकम उसके खाते में डाल दी जाती थी। आसपास के जिलों से लोग उसके पास आकर चिप लगवाते थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि लखनऊ से राजू चौसरिया नामक व्यक्ति उसे पल्सर कार्ड रोडवेज बस में भेजता था। वह रुपये भी बस के चालक को दे देता था। चिप लगाने के बाद जौहर उस कार्ड को रोडवेज बस के जरिए ही वापस लखनऊ भेज देता था।      

मेंटीनेंस इंजीनियर ही लगाते थे कार्ड
मुजफ्फरनगर। पेट्रोल पंप मशीन के मेंटीनेंस इंजीनियर पंप मालिक से मिलीभगत कर मशीन में चिप लगा कार्ड लगवाते थे। पुलिस की पकड़ में आए एलएंडटी और जीवीआर कंपनी के मेंटीनेंस इंजीनियर अरुण, अजय, गजेंद्र कुमार ने बताया कि पेट्रोल पंप मालिक की सहमति के बाद तेल का यह खेल खेला जाता था। पहले मशीन का खराब बता तौल बांट माप विभाग को सूचना देकर मशीन की मरम्मत करने की बात कही जाती थी, विभाग के अधिकारी के सामने सील खोल कर पल्सर कार्ड निकाला जाता था तथा जौहर अब्बास से उसमें चिप लगवा कर फिर से विभाग के अधिकारियों के सामने कार्ड को मशीन में फिट करवा कर सील लगवाई जाती थी।      

12 मिली लीटर की घटतौली करते थे      
पेट्रोल पंपों पर तेल की घटतौली करवाने वाले एक लीटर तेल में केवल 12 मिली लीटर की घटतौली ही करवाते थे। कार्ड में लगी डिवाइस रिमोट से चलती थी, यदि कोई चेकिंग करने आया तो रिमोट से घटतौली बंद कर दी जाती थी। कम घटतौली इसलिए करवाते थे, ताकि किसी को पता नहीं चले। डिवाइस ऐसे काम करती थी कि ग्राहक को पंप के डिस्पले पर तेल की पूरी मात्रा और नगदी दिखाई थी और पंप के अंदर ही  एक लीटर तेल पर 12 मिली लीटर तेल की घटतौली कर देती थी।      

मुजफ्फरनगर के पेट्रोल पंप भी शामिल      
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जौहर अब्बास के लैपटॉप से मिले रिकार्ड में मुजफ्फरनगर के पेट्रोल पंप मालिक भी शामिल हैं। जिनकी जांच कराई जा रही है तथा जल्द ही इन पेट्रोल पंपों पर छापे की कार्रवाई करवाई जाएगी।      

डीआईजी ने किया 12 हजार का इनाम घोषित
एसएसपी ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर घटतौली करवाने वाले गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम को डीआईजी ने 12 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में शहर कोतवाल पीपी सिंह, एसएसआई समयपाल सिंह अत्री, उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार, सूबे सिंह, रणवीर सिंह, आरक्षी सन्नी अत्री, वकार, मनोज धामा शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें