जेल में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले बंदियों को चिन्हित किए जाने से हड़कंप मचा है। सूत्रों की मानें तो सूची में पूर्व प्रधान, सपा नेता, महिला और कई अन्य के नाम शामिल किए गए हैं। सूची में आए बंदियों को आयोग प्रदेश की दूसरी जेलों में शिफ्ट कर सकता है।
चुनाव आयोग ने जेल अफसरों से राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले बंदियों की सूूची बनवाई गई है। अफसरों ने ऐसे 25 बंदियों की सूची बना दी है। सूची में अंदर बंद सपा नेता, अभी हाल ही में पकड़ा गया इनामी और पूर्व प्रधान, कुख्यात की शातिर पत्नी, अन्य कई छोटे-बड़े नेताओं के नाम है। सूत्रों की माने तो आयोग सूची में नामजद बंदियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रदेश की दूसरी जेलों में शिफ्ट कर सकता है।
सूची बनने का पता चलने पर बंदियों में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, डीएम और एसएसपी ने जेल के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के आदेश किए है। इस कैमरे को दोनों अधिकारियों के कार्यालय से अटैच किया जाएगा, ताकि दोनों अधिकारी वही बैंठे हुए चुनाव के दौरान शातिरों से मिलने आने वालों की पहचान करवा सके।
4 जी नेटवर्क कम करने की कवायद
मुजफ्फरनगर। जेल अफसरों ने कारागार से 4 जी नेटवर्क को खतम कराने के निर्देश मोबाइल कंपनियों को दिए हैं। जैमर लगने के बाद कारागार में वैसे तो फोन चलने बंद हो गए हैं। अफसरों को शिकायत मिल रही थी कि 4जी फोन का नेटवर्क कारागार के फोन पकड़ रहे हैं। कर्मचारियों ने अफसरों को इस बारे में जानकारी दी थी। अफसरों के निर्देश पर मोबाइल कंपनियों के आधा दर्जन तकनीशियन कारागार पहुंचे और जैमर टॉवर के केबिन में जाकर 4जी नेटवर्क को कम करने का प्रयास किया। इंजीनियरों ने बताया कि एक-दो दिन में नेटवर्क खतम हो जाएगा।